एटा। घर-घर कुंडी बजाना, लोगों के पैर छूना और छोटी-छोटी जनसभाएं करने तक ही आज का प्रचार सीमित नहीं है। अब सोशल मीडिया चुनावी अस्त्र बना हुआ है। जिसकी चमक से नेताजी भी नहीं बचे हैं। फोटो का शौक तो पुराना है, अब वह रील में भी नजर आ रहे हैं। जमकर लाइक और कमेंट भी मिल रहे हैं।
पहले मतदाता ही नहीं, प्रत्याशी भी प्रत्यक्ष रूप से मिलने पर ही मतदान याचना को सार्थक मानते थे। यदि कोई प्रत्याशी सीधे मतदाताओं से न मिले तो मतदान उसके पक्ष में होने की संभावनाएं कम हो जाती थीं। इन हालातों को देखते हुए प्रत्याशी भी हर मतदाता तक पहुंच बनाने की भरसक कोशिश करता था, लेकिन समय के साथ चुनाव प्रचार और लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा है अब सोशल मीडिया पर भी प्रचार असरदार माना जा रहा है। यही वजह है कि हर प्रत्याशी के सोशल मीडिया अकाउंट अब अधिक सक्रिय नजर आने लगे हैं।
चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों के तीनों प्रत्याशियों ने भी सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने अकाउंट बना रखे हैं। इसमें प्रतिदिन की चुनावी नुक्कड़ सभा, जनसंपर्क आदि के फोटो तो डाले ही जा रहे हैं। साथ ही रील भी लगातार बनाकर अपलोड की जा रही हैं। भाजपा और के सपा प्रत्याशियों के इंस्टाग्राम पर दनादन रील अपलोड की जा रहीं हैं। वहीं नामांकन की रील तीनों ही प्रत्याशियों ने प्रमुखता से अपलोड की हैं।
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कार्यक्रमों की सूचना भी की जा रही अपडेट
केवल फोटो-वीडियो ही नहीं सोशल मीडिया प्लेटफार्म काे सूचनाओं के प्रसारण के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रत्याशियों के चुनावी कार्यक्रम, जनसंपर्क, सभाओं आदि की सूचना पहले से उनके अकाउंट पर शेयर की जाती है। जिससे लोगों को जानकारी मिले और भीड़ जुट सके।