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ऐसे हैं रास्ते तो क्यों न हों हादसे

Sun, 22 Jan 2017 11:51 PM IST
Amar Ujala
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बदहाल सड़क - फोटो : Amar Ujala
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अलीगंज में हुए स्कूल बस हादसे ने 14 जिंदगियां छीन लीं। लेकिन जिम्मेदार अब तक मौन हैं। जिले में ऐसे हादसे आए दिन होते हैं। रोज कोई न कोई जान जाती है या लोग घायल होते हैं, लेकिन हादसों को होनी मानकर लोग चुप हो जाते हैं। दरअसल इन हादसों की सबसे बड़ी वजह है खराब सड़कें। जर्जर और गड्ढायुक्त मार्गों से हादसों की संख्या बढ़ रही है। प्रशासन और विभाग प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजते रहते हैं, लेकिन उन प्रस्तावों पर राजनीतिक पहल नहीं होने से कार्रवाई नहीं होती। प्रस्ताव पास भी जाए तो गुणवत्ता से समझौता होने से एक-दो महीने बाद फिर से वही हालात होते हैं। अलीगंज में हुए हादसे के प्रशासन ने चेकिंग अभियान, फिटनेस चेकिंग समेत अभियान चलाए हैं, लेकिन सड़कों के हालात को लेकर कोई कवायद शुरू नहीं हुई है। आइए, डालते हैं एक नजर जिले की कुछ सड़कों पर जो अपनी दुर्दशा पर आसूं बहा रही हैं।
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शिकोहाबाद रोड, एटा
शहर का शिकोहाबाद रोड अपनी दुर्दशा पर रो रहा है। इस मार्ग पर लगातार तीन स्कूल हैं, लेकिन स्कूलों के पास कोई साइन बोर्ड या कोई यातायात चिन्ह नहीं है। खास बात यह है कि मार्ग पर स्थित अवंतीबाई स्कूल के बाहर ही बड़ा गड्ढा है। इसे समस्या को दूर करने के लिए कई बार प्रदर्शन हुए, लेकिन यह समस्या दूर नहीं हो सकी।

आसपुर-सकीट मार्ग
जिले के आसपुर-सकीट मार्ग का हाल भी बेहाल है। इस मार्ग पर चार स्कूल हैं। जिनके स्कूली वाहन यहां से गुजरते हैं। मार्ग पर स्कूली वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। लेकिन प्रशासन मार्ग को दुरुस्त कराने की पहल नहीं करता।
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इनका कहना है
एटा-शिकोहाबाद मार्ग का निर्माण चल रहा है। अन्य मार्गों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। अभी आचार संहिता के चलते काम ठप पड़ा हुआ है।
वहीद बख्श, अधीक्षण अभियंता लोनिवि, एटा
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