एटा। कभी बादल तो कभी हल्की बूंदाबांदी के कारण उमसभरी गर्मी पड़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में इस रोग के पीड़ित पहुंच रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि ओपीडी में अगर वह 70 मरीज देख रहे हैं तो 50 मरीज त्वचा रोग से पीड़ित हैं।
इन दिनों बच्चों में खुजली, दाद के साथ आंखों में जलन व कान में फुंसी आदि निकलने की बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 50 से अधिक बच्चे और बड़े इन बीमारियों से परेशान दिख रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया कि बारिश और उमस के चलते बड़ी संख्या में बच्चे त्वचा रोग से पीड़ित होकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों बच्चों में शरीर में दाने की शिकायत भी मिल रही है। कहा कि अगर बच्चों को यह शिकायत हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं ।
त्वचा रोग के यह हैं लक्षण
- लाल रंग के निशान होना।
- स्किन में पपड़ी जमना या खाल उतरना।
- त्वचा रोग से प्रभावित हिस्से में दर्द होना।
- स्किन में दरारें होना।
- स्किन का कुछ हिस्सा सफेद होना।
ऐसे करें बचाव
- पैरों व हाथों को साफ रखें।
- शौचालय, फर्श आदि स्थानों पर नंगे पैर जाने से बचें।
- चेहरे को नियमित रुप से धोएं। साथ में स्किन को सूखा साफ रखें।
- बरसात के मौसम से साफ व कॉटन के कपड़े पहने।
- नाखूनों को छोटा रखें।
- गीले कपड़े न पहनें, जलभराव से बचें।