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छह डिग्री पर अाया न्यूनतम पारा, ठिठुरे लोग

Fri, 19 Dec 2014 11:44 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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तापमान लगातार गिरता जा रहा है। शुक्रवार को पारा छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही शहर कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। लोगों को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर भी लगाम लगा दी। सुबह बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। पालिका प्रशासन ने शहर के 23 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है।
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सुबह से छाए कोहरे ने गलन का अहसास और बढ़ा दिया। छह डिग्री पर आए तापमान से लोग सिहर उठे। दिन में भी लोग कंपकंपा रहे थे। बाजारों-सड़कों पर भी ठंड का असर दिखाई दिया। दुकानदार हीटर, अंगीठी के सहारे ठंड से राहत पाते दिखे। घरों में लोग रजाई, कंबलों में ढके रहे। कोहरे के चलते वाहनों की गति पर लगाम लग गई। सुबह के समय भी बड़े वाहन रेंगते दिखाई दिए। अधिकांश बड़े वाहनों में फॉग लाइट नहीं थी।


दूसरी तरफ ठंड से अब तक शहर में एक युवक की मौत हो चुकी है। वहीं पूर्व में भी कोहरे के चलते कई हादसे हो चुके हैं। पिछले साल घंटाघर पर कोहरे के चलते एक ट्रक एक दुकान व घर में घुस गया था। कई लोग घायल हुए थे। वहीं शहर के श्मशान घाट पर रखे जाने वाले रिकॉर्ड के मुताबिक एक महीने में 10 के लगभग बुजुर्ग महिला-पुरुष यहां पहुंचे हैं।
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अलाव बने गरीबों का सहारा
 गरीबों के लिए यह ठंड कहर बन रही है। ऊनी कपड़ों का अभाव उन पर भारी पड़ रहा है। ऐसे में उनके लिए अलाव ही जीने का सहारा बन रहा है। गांव में घर-घर, द्वार-द्वार अलाव जल रहे हैं। शहर में भी अलावों की मांग बढ़ी है। सार्वजनिक स्थलों पर पालिका प्रशासन ने अलाव जलवाकर लोगों को राहत दी है। बताते चलें कि पालिका प्रशासन ने शहर के 23 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। वहीं बस स्टैंड पर बने रैन बसेरा में तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

गिरे तापमान से किसानों को राहत
विगत दिनों तक मौसम से चिंतित रहे किसान इन दिनों खुश हैं। उन्हें रबी की फसल में लाभ होने की उम्मीद जाग रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम फसलों के लिए अनुकूल है। इसमें गेहूं की टिलरिंग एवं पैदावार अच्छी होगी।

जुकाम-खांसी के मरीज बढ़े
एटा। तेजी से गिरे तापमान ने जुकाम-खांसी के मरीज बढ़ा दिए हैं। निजी एवं सरकारी अस्पतालों में इन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों की मानें तो कुल मरीजों में से 70 प्रतिशत लोग मौसमी बीमारियों से पीड़ित हैं।
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