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सिंधू-साक्षी से प्रेरणा ले रहीं जिले की बेटियां

Thu, 25 Aug 2016 05:57 PM IST
अमर ब्ययूराो एटा
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सिंधू-साक्षी से प्रेरणा ले रहीं जिले की बेटियां - फोटो : अमर उजाला
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 राष्ट्रीय खेलों तक उनकी प्रतिभा का डंका बज चुका है। अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर उन्होंने एथलेटिक्स में कई तमगे हासिल किए हैं। पीवी सिंधू और साक्षी मलिक की तरह अपनी प्रतिभा के दम पर ओलंपिक का सफर तय करने का सपना देख रही हैं। मैदान पर रोज तीन घंटे पसीना बहाया जा रहा है।
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गांव शिवसिंहपुर निवासी कीर्ति वर्मा ने आल इंडिया विवि खेलों तक अपनी धाक जमाई है। दस किमी क्रास कंट्री दौड़ में प्रदेश स्तर पर गोल्ड मेडल पाने वाली कीर्ति का हौसला बढ़ता ही जा रहा है। सिंधू और साक्षी की तरह कीर्ति भी मंजिल को पाने के लिए जुटी हैं। किसान रूप सिंह की बेटी कीर्ति कहती हैं कि रुकावटें तो आती हैं, लेकिन रुकना सीखा नहीं है।
खो-खो में आल इंडिया स्कूल गेम्स में प्रतिभाग कर चुकीं नयना वर्मा कहती हैं कि खो-खो जैसे खेलों को लेकर लोगों मेें रुचि कम रहती है, लेकिन मुझे ओलंपिक तक जाना है। नयना
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अलीगढ़ मंडल की टीम से प्रदेश स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त कर चुकी हैं। ऊंची कूद में पांच फीट ऊंची छलांग लगाकर प्रदेश में दूसरी रहने वाली दुर्गेश प्रजापति ने विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत नहीं हारी है। टेलर ताराचंद्र की बेटी दुर्गेश कहती हैं कि हौसले के दम पर ऊंची कूद में प्रतिभाग कर रही हैं।
400 मीटर दौड़ में प्रदेश स्तर पर तीसरा पदक पाने वाली उमारानी का जज्बा भी कम नहीं है। देवास में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। उमा ने दौड़ में प्रदेश और जिला स्तर पर पदक प्राप्त किए हैं।
कूद प्रतियोगिताओं और खो-खो में तीन बार राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाली खुशबू वर्मा भी ओलंपिक का सपना देख रही हैं। पिता श्रीपाल सिंह की मौत के बाद भी खुशबू का हौसला टूटा नहीं है। परिवार की सबसे बड़ी बेटी ने आंध्र प्रदेश से लेकर दिल्ली में परचम लहराने के अलावा प्रदेश स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। खुशबू कहतीं है कि बेटियां किसी क्षेत्र मेें पीछे नहीं हैं, हौसले के दम पर हर मुकाम तक पहुंच सकती हैं।

जिले की बेटियां एथलेटिक्स में परचम लहरा रही हैं। पांच बेटियों ने राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपनी धाक जमाई है। बेटियों ने जिले का नाम रोशन किया है। उनको प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
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- सत्येंद्र सिंह यादव, कोच
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