हाईकोर्ट के फैसले से शिक्षामित्र निराश हैं। रविवार को शिक्षामित्र ने प्रभु पार्क पर बैठक में सोमवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया। बैठक में फैसले से आहत कई महिला शिक्षामित्र के आंसू ही छलक पड़े। प्राथमिक और आदर्श शिक्षामित्र संघ की संयुक्त बैठक 11 बजे से होगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष तेजभान सिंह यादव ने कहा कि शिक्षामित्र परेशान न हों, बैठक में सहभागिता करें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया जाएगा। जिलाध्यक्ष नौकम सिंह ने कहा कि कोर्ट ने शिक्षामित्रों के पक्ष को गंभीरता से नहीं लिया गया। आदर्श शिक्षामित्र संघ के नेता दक्ष यादव ने कहा कि शिक्षामित्र धैर्य बनाए रखें। कोर्ट के इस आदेश से शिक्षामित्र काफी आहत हैं। बड़ी संख्या में प्रभुपार्क पर पहुंचे और अपने अपने सुझाव रखें। इस मौके पर रामनरेश यादव, जसवीर सिंह, आशेक राजपूत, मनोज कुमार, भंवरपाल, छविराम सिंह, नरेशचंद्र मौर्य, प्रेमचंद्र, सुशील कुमार, नवीनचंद्र आदि मौजूद रहे।
शिक्षामित्रों की मौत का जिम्मेदार कौन
जिलाध्यक्ष नौकमसिंह वर्मा ने कहा कि कोर्ट के निर्णय से क्षुब्ध होकर प्रदेश में कई शिक्षामित्रों ने आत्म हत्या कर ली। इनकी मौत का जिम्मेदार कौन होगा। कोर्ट का अपने निर्णय पर सोचना चाहिए।
परिवहन राज्यमंत्री ने दिया भरोसा
परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह को शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। वो उनका दर्द जानने प्रभु पार्क पहुंचे और भरोसा दिलाया कि सरकार पहले भी शिक्षामित्रों के साथ थी, आगे भी सरकार काम करेगी।