शुक्रवार को जिला मुख्यालय के मंदिरों पर शीतला माता की पूजा की गई। महिलाओं ने मंदिरों में पहुंचकर बासौड़ा पूजन किया। महिलाओं ने अपने परिवार के बच्चों के स्वास्थ्य की कामना की। दोपहर तक मंदिरों में पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहा।
शीतला माता पूजन को महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया। पूजा के लिए एक दिन पूर्व ही पकवान तैयार कर लिए गए। ब्रह्ममुहुर्त के साथ ही महिलाएं अपने बच्चों को साथ लेकर शीतला मंदिरों पर पहुंचना शुरू हो गई। जिला मुख्यालय के सोरों गेट, बिलराम गेट चौराहा, बस स्टैंड, गांधी मूर्ति क्षेत्र के मंदिरों पर पूजा अर्चना की गई। दोपहर तक पूजा अर्चना का क्रम चलता रहा। कारोबारियों ने मंदिर के आस पास पूजा के सामन, चाट पकौड़े आदि के ढकेल भी लगाए गए। पूजा के बाद महिलाओं एवं बच्चों ने चाट पकौड़े आदि का लुत्फ लिया।
कासगंज। शीतला माता को चेचक, खसरा सहित अन्य त्वचा संबंधी रोगों की देवी माना जाता है। इनके रूष्ठ होने पर त्वचा संबंधी रोग हो जाते है। चैत्र के मास में इन रोगों के सबसे अधिक फैलने का खतरा रहता है। जिसके चलते इनकी पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार महिलाओं ने अपने बच्चों के सिर से मुर्गा उतरवाकर मुश्क से जल का छिड़काव कराया, जिससे शीतला माता का प्रकोप शांत हो सके।