सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईवे से 500 मीटर दूर शराब ठेकों कालोनियों और बाजारों में शिफ्ट करना शराब के ठेकेदारों को मंहगा पड़ता दिखाई दे रहा है। सोमवार को बाबूगंज के व्यापारियों और पीपल अड्डा कालोनी के लोग शराब की दुकानों के विरोध में जुलूस निकाल कर डीएम दफ्तर पहुंचे और जमकर नारेबाजी और हंगामा कर शराब ठेका हटवाने की मांग करते रहे। लामबंद लोगों ने अपर जिला अधिकारी मोहन सिंह को ज्ञापन सौंपा है।
दरअसल जिले में 73 शराब ठेकों को हाईवे से 500 मीटर दूर शिफ्ट करने के लिए चिह्नित किया गया है। आबकारी विभाग ने नोटिस जारी किए तो ठेकेदारों ने बाजारों और कालोनियों में दुकानें शिफ्ट करने की कोशिश शुरू कर दी। पीपल अड्डा कालोनी और बाबूगंज में शराब की दुकान पहुंची तो लोग परेशान हो गए। इसी से गुस्साए बाबूगंज के लामबंद व्यापारी शुक्रवार को जुलूस निकाल कर डीएम दफ्तर पहुंचे, वहीं पीपल अड्डा कालोनी के लोगों ने कालोनी और डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन कर कालोनी और बाजार से शराब की दुकानें हटवाने की मांग की। लामबंद लोगों ने डीएम दफ्तर पर हंगामा और नारेबाजी करते हुए शराब के ठेके हटवाने की मांग करते हुए अपर जिला अधिकारी मोहन सिंह को ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों और कालोनी के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शराब ठेके नहीं हटवाए तो ठेकेदारों को पीट कर बाजार और कालोनी से भगाया जाएगा। अतुल राठी, देवेंद्र मोहन वार्ष्णेय, साबिर अली, विनय पराशर, अशोक गुप्ता, विष्णु वार्ष्णेय, सचिन दिवाकर, लोकमान दास, सुगड़ सिंह, सुलेखा, प्रेमपाल, राजकुमार, सुरेश चंद्र, गजेंद्र सिंह, सुधा समेत अनेक व्यापारी और कालोनाइजर मौजूद रहे।
एक दर्जन ठेकेदार बंद करेंगे शराब के ठेके
जिले के एक दर्जन शराब ठेकेदारों ने आबकारी विभाग को ठेका बंद करने के लिए लिख कर दे दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि जहां वे दुकानें शिफ्ट करना चाहते हैं वहां ठेकों में चोरी की वारदात होने के अलावा बिक्री भी नहीं होगी। ऐसे में वे शराब का ठेका नहीं चल सकते। ऐसे में आबकारी विभाग को करोड़ों के राजस्व का घाटा उठाना पड़ेगा।
जिले में 79 दुकानें हाईवे 500 मीटर दूर शिफ्ट होनी है। 45 से 50 दुकानें आसानी से शिफ्ट हो रहीं हैं, जबकि कुछ शराब की दुकानों का विरोध हो रहा है। उनकी जांच की जा रही है। संभव हुआ तो उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। शराब के ठेके हाईवे के किनारे नहीं चलेंगे चाहे भले ही राजस्व घाटा उठा कर ठेके बंद कराने पड़ें।
- आनंद प्रकाश, जिला आबकारी अधिकारी एटा