एटा के गांव नकटई कलां में रविवार रात खरीदार बनकर पहुंची पुलिस व एंटी नारकोटिक्स आगरा जोन की टीम ने 47 कार्टन कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया। बरामद सिरप की कीमत 25 लाख रुपये बताई जा रही है। मौके से राजस्व विभाग के संग्रह अमीन समेत चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। आरोपियों से एक लोडर वाहन, एक कार, पांच मोबाइल फोन और 3900 रुपये मिले।
एसएसपी श्याम नारायण सिंह ने बताया कि मुखबिर ने थाना अलीगंज पुलिस को सूचना दी कि गांव नकटई कलां में पूर्व सैनिक पंजाब सिंह निवासी नगला बनी के तंबाकू गोदाम में भारी मात्रा में कोडीन युक्त प्रतिबंधित कप सिरप ओनरेक्स रखा हुआ है और नशा करने वालों को इसकी बिक्री की जा रही है।
सूचना के बाद पुलिस टीम ने एंटी नारकोटिक्स आगरा जोन सूचना दी। फिर संयुक्त टीम गठित कर खरीदार बनकर गांव में पहुंचे। वहां पर मौजूद संग्रह अमीन जितेंद्र सिंह ने तंबाकू के गोदाम में रखे हुए प्रतिबंधित कफ सिरप के कार्टन दिखाए। इस पर टीम ने पंजाब सिंह और जितेंद्र सिंह निवासी असदपुर, थाना राजा का रामपुर, प्रमोद कुमार निवासी नगला उम्मेद, थाना जसरथपुर और लोडर वाहन चालक जितेंद्र सिंह निवासी नकटई कलां को गिरफ्तार कर लिया।
वाराणसी से आई थी सिरप की खेप
आरोपी प्रमोद ने पूछताछ में बताया कि उसका भाई सनोज कुमार ट्रक चालक है। इसको गांव नगला परशुराम, थाना जसरथपुर निवासी पप्पू उर्फ बीकेश ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व वाराणसी से कोडीन कफ सिरप लेकर पश्चिम बंगाल भेजा था। वहां सनोज पकड़ा गया जो जेल में है। जब पैरवी के लिए पप्पू से कहा तो उसने सिरप की 60 पेटी वाराणसी से मंगाकर उसको दीं और कहा कि इनको बेचकर पैसे कमा लेना। प्रमोद 60 पेटी लेकर गांव आ गया और जितेंद्र के सहयोग से पंजाब सिंह के तंबाकू गोदाम में रखवा दिया। यहां दोनों ने निर्णय किया कि जो भी कमाई होगी उसको मिलकर आधा-आधा बांट लेंगे। 13 पेटी सिरप लोडर वाहन चालक की गाड़ी में रखवाकर नशा करने वाले लोगों को बेच दीं। शेष को पुलिस ने रविवार देर रात बरामद कर लिया। कार्रवाई के दौरान एएनटीएफ निरीक्षक आगरा हरवेंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।
आरोपी संग्रह अमीन निलंबित
मामले में पकड़ा गया जितेंद्र सिंह राजस्व विभाग में संग्रह अमीन है। एसडीएम अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी होते ही उसको निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच की जा रही है।
काट दिए थे बैच नंबर और निर्माण तिथि, दो सैंपल लिए
अधिकारियों के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी अलीगंज पहुंच गई। सिरप की बोतलों पर लगाए गए लेवल पर उनकी निर्माण तिथि और बैच नंबर काट दिए गए थे ताकि आसानी से पकड़ में न आएं। एक तरह की बोतल पर 2026 और दूसरी तरह की बोतलों पर 2027 की एक्सपायरी डेट मिली। इसके आधार पर इनके दो बैच मानते हुए दो सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं।