यूपीटीएसयू के निदेशक विकास गोठलवाल ने बुधवार को अलीगंज उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की कराई जांच में उपकरण खराब मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इन्हें सही कराए जाने के निर्देश दिए। वहीं, कलक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ जरूरतमंदों को उपचार व कुपोषित बच्चों की देखभाल और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने पर जोर दिया।
निदेशक विकास गोठलवाल सबसे पहले सुबह 11 बजे अलीगंज उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने निरीक्षण करते हुए 12 के लगभग गर्भवती महिलाओं का परीक्षण कराया। जांच उपकरण खराब मिलने पर नाराजगी जताई और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश शर्मा से तत्काल खराब उपकरण सही कराने और प्रत्येक गांव में जाकर शिविर लगाने व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम भैरपाल सिंह से भी कहा कि वह शिविर का आकस्मिक निरीक्षण करें। साथ ही लापरवाही मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखें।
इसके बाद उन्होंने कलक्ट्रेट सभाकक्ष में कुपोषित मिशन के तहत अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। डिलीवरी होने के बाद तत्काल महिला को चेक दिया जाए। उन्होंने कहा कि 13 व 16 फरवरी को आयोजित होने वाले स्वास्थ्य कैंप में सभी गर्भवती महिलाआें, कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
डीपीओ ने जानकारी दी कि पांच फरवरी तक जनपद के 2,15,326 बच्चों का वजन कराया गया है, जिसमें 1,84,390 बच्चे सामान्य, 30,171 आंशिक, 1,125 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। जिस पर निदेशक ने सभी आंशिक रूप से कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार, सैरेलेक आदि समय से उचित मात्रा में देने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम निधि केसरवानी ने कहा कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया जाए। प्रत्येक ब्लॉक के एएनएम सेंटर पर जीवन स्वास्थ्य कैंप का आयोजन 13 व 16 फरवरी को किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी साहब सिंह, सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय, एसीएमओ, ईओ नगर पालिका मौजूद थे।