जनपदीय गैस उपभोक्ताओं को गैस पोर्टिबिलिटी की सुविधा शुरू हो गई है। एजेंसी की मनमानी या अन्य असुविधाओं से त्रस्त लोग किसी भी समय नई एजेंसी का चयन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रारूप पर आवेदन भर करना होगा।
मोबाइल कनेक्शन की भांति अब गैस उपभोक्ता भी घर बैठे गैस एजेंसी को बदल सकते हैं। पूर्व की भांति अब उन्हें एजेंसी की मनमानी से नहीं जूझना होगा। अव्यवस्थाएं होने पर वे मनचाही गैस एजेंसी के उपभोक्ता बन सकते हैं। इतना ही नहीं इनके लिए किसी भी एजेंसी को चुनने का भी विशेषाधिकार होगा। इसके लिए इन्हें निर्धारित प्रारूप पर आवेदन भर करना होगा। समय न मिलने पर उपभोक्ता अपना आवेदन संबंधित गैस एजेंसी को भी दे सकते हैं। प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकांश उपभोक्ताओं को अभी इसकी जानकारी नहीं है। इसके चलते वे इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे। बताते चलें कि जनपद में संचालित 13 गैस एजेंसियों पर सवा लाख से अधिक गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं।
ये होगा लाभ
पोर्टिबिलिटी सुविधा एवं प्रयोग के बाद गैस एजेंसियों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। जांच के नाम पर अवैध वसूली, सामान थोपना एवं घटतौली जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगी। चेतावनी के बाद भी रवैया न बदलने पर उपभोक्ता के सामने पोर्टिबिलिटी का खुला विकल्प होगा।
जागरूक हुए उपभोक्ता
नेट पर पड़ी जानकारी से जागरूक हुए दर्जनों उपभोक्ता पोर्टिबिलिटी सुविधा का लाभ उठाकर अपनी एजेंसियां बदल रहे हैं। एजेंसी संचालकों के अनुसार कुछ उपभोक्ता निकटवर्ती गैस एजेंसी एवं गोदाम का लाभ उठाने के लिए भी ऐसा कर रहे हैं।
अभी तक तीन दर्जन उपभोक्ताओं ने पोर्टिबिलिटी सुविधा का लाभ उठाया है। इनमें से एक एक उपभोक्ता ने एजेंसी छोड़ी है तो वहीं 31 उपभोक्ता अन्य एजेंसियों के आए हैं। दर्जन भर आवेदन प्रक्रिया में भी हैं।
- सत्यदेव गुप्ता फौजी, गैस एजेंसी संचालक, एटा