शुक्रवार का दिन भी ठिठुरन में गुजरा। शाम से शुरू हुआ कोहरा सुबह तक छाया रहा। दोपहर बाद चमके सूर्यदेव भी राहत नहीं दे सके। ठंड के बावजूद स्कूल खुलने से छोटे बच्चे काफी परेशान हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रहा।
हाड़कंपाती ठंड का कहर नहीं थम रहा। चार दिन से गलन भरी सर्दी से लोग परेशान हैं। सूर्यदेव के भी दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। दो दिन बाद शुक्रवार को दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्यदेव चमके, लेकिन लोगों को राहत नहीं दे पाए। सुबह बादल छाने के साथ घना कोहरा व्याप्त था। गरीब बेसहाराआें का बुरा हाल है। अलाव के सहारे बैठकर लोग ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। शाम होते ही ठंड और बढ़ गई।
दूसरी ओर मौसम का असर शिक्षण संस्थाओं में भी दिखाई दिया। 20 दिन बाद खुले स्कूलों में छात्र उपस्थिति नाम मात्र की रही। बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए पहुंचे। माध्यमिक विद्यालयों में भी उपस्थिति काफी कम रही। कोहरे के चलते कक्षाओं में अंधेरा रहा।