एटा। हाथरस में हुए करीब 24 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे एक आरोपी को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा) कानपुर की टीम एटा से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी की लोकेशन टीम को जलेसर में मिली थी। उसकी तलाश में दबिश भी दी गई हालांकि वह हाथ नहीं आ सका।
जनपद हाथरस में छात्रवृत्ति से संबंधित यह घोटाला 2009-10 में हुआ था। इसकी रिपोर्ट हाथरस के थाना मुरसान में दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक जांच जनपद स्तर पर हुई थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर 24 अप्रैल 2014 को इसकी विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। ईओडब्ल्यू जांच में कुल 33 आरोपियों को दोषी बताया गया। इनमें से राजीव गुप्ता उर्फ राजेश कुमार को ईओडब्ल्यू ने 30 जुलाई को यहां दबिश देकर उनकी बाइक एजेंसी से गिरफ्तार कर लिया। वह हाथरस के अगसौली में श्रीकृष्णा पीजी कॉलेज के प्रबंधक हैं।
इनके साथ ही इस मामले के एक अन्य आरोपी की लोकेश टीम को जलेसर में मिली थी। इसके आधार पर टीम ने जलेसर पहुंचकर दबिश दी। पता लगने या किसी अन्य वजह से आरोपी वहां से निकल गया और पुलिस के हाथ नहीं आ सका। टीम का नेतृत्व कर रहे निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में कई आरोपी हैं जिनके न्यायालय से वारंट जारी हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।