आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों के लिए पदोन्नति में आरक्षण बिल लोकसभा में पास कराए जाने की मांग की गई।
जिला संयोजक रामदास विजय ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। इससे इन जातियों के कर्मचारियों का काफी अहित हो रहा है। शीघ्र ही इस संबंध में लोकसभा में बिल लाकर इसे पास कराया जाए। प्रदेश में पदेन्नति में आरक्षण पाने वाले कर्मियों के डिमोशन की प्रकिया शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए। विश्व विद्यालय, इंटर कालेजों के संस्था अध्यक्षों एवं प्रधानाचार्यों के एकल पदों पर आरक्षण व्यवस्था को लागू किया जाए। सिर पर मैला ढ़ोने की अमानवीय प्रथा को तत्काल रोका जाए। जिला अध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने कहा कि देश में समान और अनिवार्य शिक्षा कानून बनाया जाए। दलित, आदि वासियों की जमीनों एवं संसाधनों की लूट बंद की जाए। ओबीसी के आरक्षण की व्यवस्था को लागू किया जाए। देश में एससी एसटी कोटे के तहत खाली पदों को भर्ती अभियान चलाकर भरा जाए। न्याय पालिका में आरक्षण की व्यवस्था को लागू किया जाए। इस दौरान होशियार सिंह, नेक सिंह, केपी सिंह, रामनथ पुष्कर, शैतान सिंह भारती, मुकेश पाल सिंह, मधुवेंद्र, मुनेंद्र पाल सिंह, विजेंद्र कुमार, रामेश्वर दयाल, अतुल कुमार बौद्ध, गजराज, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।