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पक्षी विहार गुलजार, पर्यटक नदारद

Sun, 14 Dec 2014 11:35 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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जिले का एक मात्र पर्यटक स्थल पटना पक्षी विहार इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  लगातार प्रवासी-अप्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ रही है। अब तक ढाई लाख से ऊपर पक्षी पहुंच चुके हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में पर्यटकों की संख्या में कमी आ रही है।
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प्रवासी अप्रवासी पक्षियों की चहचहाहट इन दिनों पटना पक्षी विहार में सुनाई दे रही है। यहां लगे खजूर के पेड़ लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। जैसे जैसे सर्दी बढ़ रही है प्रवासी अप्रवासी पक्षियों की संख्या मेें बढ़ोतरी हो रही है। मौजूदा समय में पक्षियों से झील अटी पड़ी है। हर ओर पक्षी ही पक्षी दिखाई दे रहे हैं। करीब ढाई लाख से अधिक पक्षी पटना में मौजूद हैं, लेकिन पर्यटकों की कमी है। वहीं सरकार को भी राजस्व का घाटा उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है।



परिवहन की नहीं कोई व्यवस्था
पटना पक्षी विहार में स्वर्ग जैसा नजारा होने के बावजूद पर्यटकों की संख्या न के बराबर है। शिक्षक धीरजपाल सिंह ने बताया कि पक्षी विहार तक पहुंचने वाले मार्गों की जर्जर दशा और परिवहन की अव्यवस्था के चलते नियमित आने वाले पक्षी प्रेमी भी नहीं पहुंच रहे हैं। जलेसर-सिकंदराराऊ पर इस समय सड़क के नाम पर गड्ढे दिख रहे हैं। राजकीय बसों का संचालन नाम मात्र के लिए है। प्राइवेट धक्का मार बसें हैं।
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यह मौजूद हैं पक्षी
पटना पक्षी विहार मेें ग्रेट केस्टेड, ब्लेकनेक्ड ग्रिव, लिटिल ग्रिव, रोजी पेलकिन, कार मोरेट, इंडियन रोग, डार्टर, परपल हेरान, ओपेन विल्ड स्टार्क, मोंटेगूस हेरियर, कॉमन पी फाउल, परपलमूर हैन, कूद, पिनटेल स्पाइप, ब्लेक हेडेड गल, पाइड मेना, हाऊस रिवज्ट, प्लेनरेन वार्वलर, ग्रेट रीड वार्वलर, ब्लू श्रोट, टोनी पिपिट, कोयल, मेना, शोर्ट, टोड ईगल आदि करीब 185 प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं।



पक्षी विहार के विकास के लिए फिलहाल कोई धनराशि नहीं मिली है। इसके चलते विकास कार्य ठप पड़े हैं। करीब ढाई लाख पक्षी मौजूद हैं। पहाड़ों पर बर्फ का गिरना शुरू हो चुका है। जल्द पक्षियों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है, लेकिन जर्जर सड़क और परिवहन की अव्यवस्था के चलते पर्यटकों की संख्या मेें भारी कमी है।
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वन क्षेत्राधिकारी, बिहारी लाल
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