एटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकीट पर स्टाफ नर्स की लापरवाही की वजह से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इस मामले की सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई जिसमें स्टाफ नर्स दोषी पाई गई। इस पर सीएमओ ने विभागीय कार्रवाई करते हुए स्टाफ नर्स की वेतनवृद्धि रोकी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकीट में पिछले बृहस्पतिवार की रात करीब 1 बजे उदयपुर निवासी विनय ने अपनी पत्नी शिवानी (25) को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। लगभग 1:30 बजे सामान्य प्रसव में मृत बच्चा हुआ। प्रसव के बाद लगातार रक्त बहने लगा और हालत खराब हो रही थी। इसके बावजूद करीब आधे घंटे बाद स्टाफ नर्स ने प्रसूता की छुट्टी कर दी। रात के लगभग 3 बजे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत शिवानी को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसको लेकर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें डॉ. नीतू, डॉ. सर्वेश और डॉ. अनुज को शामिल किया। तीन सदस्यीय टीम की जांच आख्या में स्टाफ नर्स बीना देवी दोषी पाई गई। जांच आख्या में बताया गया कि स्टाफ नर्स बीना देवी ने घोर लापरवाही बरती। प्रसूता को डिस्चार्ज करते वक्त सरकारी एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई। इस पर सीएमओ ने विभागीय कार्रवाई करते हुए स्टाफ नर्स बीना देवी की वेतन वृद्धि रोक दी है।