जिले के चालू वित्तीय वर्ष में लोहिया गांवों के लिए विभागों द्वारा कार्य
योजना बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है लेकिन शासन ने अभी तक जिले के
लोहिया गांवों का चयन नहीं किया है, जबकि जिले से 24 लोहिया गांवों के चयन
के लिए 28 लोहिया गांवों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। ऐसे में
शासन की लोहिया गांवों के चयन को लेकर लेट लतीफी विकास कार्यों पर भारी पड़
सकती है। वैसे भी लोहिया गांवों में योजनाओं के लिए शासन से समय पर बजट
नहीं मिल रहा है।
बता दें कि डॉ. राममनोहर लोहिया सम्रग ग्राम विकास योजना के तहत
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में शासन द्वारा जिले से 24 लोहिया गांवों का चयन
किया जाता है। इस बार भी चालू वित्तीय वर्ष के जिले से 28 गांवों का
प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसमें से 24 का चयन करना है। जिला प्रशासन
की मानें तो पूर्व में लोहिया गांवों का चयन वित्तीय वर्ष के शुरू होने से
पहले ही हो जाता था, और मई तक कार्य योजना भी शासन को विभागों द्वारा भेज
दी जाती थी। डीएम लोहिया गांवों की कार्य योजना बनाने के लिए विभाग को
निर्देश भी दे चुकी हैं।
विभाग ने 28 गांवों की कार्ययोजना बनाई है। इसको
लेकर प्रशासन की मंशा है कि जब शासन द्वारा 24 गांवों का चयन किया जाएगा तब
शेष चार गांवों की कार्य योजना को छोड़कर, 24 गांवों की कार्ययोजना को
शासन के लिए भेज दिया जाएगा। इससे पता चलता है कि शासन द्वारा लोहिया
गांवों के चयन को लेकर हो रही लेट लतीफी से प्रशासन भी सतर्क है। इसके चलते
ही वह पहले से कार्ययोजना बनाकर तैयार रखना चाहता है। इससे लोहिया गांवों
की स्वीकृति के बाद इसे शासन को तत्काल भेजा जा सके।
जिलाधिकारी
के निर्देश पर विभागों की ओर से लोहिया गांवों के लिए कार्य योजना बनाई जा
रही है। इसके अलावा शासन से भी जल्द लोहिया गांवों के चयन होने की भी
उम्मीद है।
- राधे श्याम, जिला विकास अधिकारी