एटा। एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक से जननी सुरक्षा योजना के संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता ने जानकारी मांगी है। विभाग ने जानकारी देने के बजाए आरटीआई कार्यकर्ता को 1,65,060 रुपये के खर्च का हिसाब भेज दिया है। कहा है कि जो सूचनाएं मांगी गई हैं वह करीब 82530 पेज में आएंगी। जिनकी फोटो स्टेट में 1,65,060 रुपये खर्च होंगे, रुपये जमा कराने पर उन्हें उक्त सूचनाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। वहीं सूचना देने वाले सीएचसी अधीक्षक को नहीं पता कि क्या जानकारी मांगी और उन्होंने क्या जवाब भेजा है।
लोधी रोड बनगांव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार ने 25 सितंबर 2020 को सूचना का अधिकार के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निधौलीकलां के अधीक्षक से पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसमें सीएचसी पर तैनात डॉ. शिवम गुप्ता द्वारा अब तक की गई ओपीडी, वर्ष 2018 और 19 में जननी सुरक्षा योजना में कितनी महिलाओं को लाभान्वित कर कितना भुगतान किया गया, महिलाओं को क्या खाद्य पदार्थ वितरित किया गया, भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था का अनुबंधपत्र ओर केंद्र के अधीन आने वाले समस्त उप केंद्रों पर वर्ष 2019 और 20 में आई धनराशि और उसके व्यय का विवरण मांगा गया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिवम ने निर्धारित प्रारूप पर सूचनाएं उपलब्ध कराने के बजाए समय अवधि बीतने के बाद एक पत्र रवीश कुमार को भेजा है। 12 नवंबर 2020 को भेजे पत्र में कहा है कि उनके द्वारा जो सूचनाएं मांगी गई हैं वह 82530 पेज की हैं और इनकी फोटो स्टेट कराने में विभाग पर एक लाख पैंसठ हजार साठ रुपये का खर्च आएगा। उक्त धनराशि विभागीय खाते में जमा करने पर उन्हें उक्त सूचनाएं प्रेषित कर दी जाएंगी।
आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार का कहना है कि पांच बिंदुओं पर जानकारी देने में डॉ. शिवम गुप्ता फंस रहे हैं, यही वजह है कि उन्होंने इतनी बड़ी धनराशि बता दी जो जमा नहीं कराई जा सकती है। कहा कि उन्होंने जो जानकारी मांगी हैं उनके आठ हजार से ज्यादा पेज हैं यह डॉ. शिवम को कैसे पता। उन्होंने मामले में राज्य सूचना आयोग जाने की बात कही है।