फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एकजुटता से ही वैश्य समाज को मिलेगा राजनीतिक अधिकार : डॉ. सुमंत गुप्ता

विज्ञापन
जलेसर में रविवार को भामाशाह जयंती समारोह में शामिल अ​खिल भारती वैश्य एकता परिसद के राष्ट्रीय अध - फोटो : samvad
विज्ञापन
जलेसर। दानवीर सेठ भामाशाह की जयंती पर नगर के श्रीजी स्कूल में समारोह का आयोजन किया गया। इसको संबोधित करते हुए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुुमंत गुप्ता ने कहा वैश्य समाज देश के विकास में रीढ़ की हड्डी है। सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व देने पर भी समाज को अपेक्षित सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा एकजुटता होने पर ही वैश्य समाज को राजनीतिक अधिकार मिल सकेगा।
विज्ञापन

समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा देश में 18 प्रतिशत से अधिक आबादी होने पर भी संसद और विधान सभा में हमारा प्रतिनिधित्व न के बराबर है। इसका मुख्य कारण हमारी राजनीतिक निष्क्रियता है। हमें सशक्त बनने के लिए सबसे पहले संगठित होना होगा। प्रदेश सचिव हरीश वार्ष्णेय ने कहा भामाशाह ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष के लिए अपना सर्वस्व दान कर दिया था। उनका यह ऐतिहासिक त्याग देश कभी नहीं भूल सकता। कार्यक्रम का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष गौरी वर्मा और जैथरा के चेयरमैन विवेक गुप्ता ने दानवीर भामाशाह के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता, आशीष गुप्ता, रॉबिन बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, वीरेंद्र अग्रवाल टिल्लू, विनय बंसल, कृष्णगोपाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग मौजूद रहे।

अवागढ़ में भी मनाई भामाशाह की जयंती
अवागढ़। कस्बे के माहौर वैश्य समाज मंदिर में सेठ भामाशाह की जयंती मनाई गई। समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा सेठ भामाशाह का जन्म 28 जून 1547 को हुआ था। वह महाराणा प्रताप के विशेष सहयोगी रहे, मुगलों से युद्ध के समय उन्होंने अपना सबकुछ महाराणा प्रताप को दान कर दिया था। भामाशाह की 480वीं जयंती पर समारोह में गणेश वार्ष्णेय, जितेंद्र गुुप्ता, अवधेश गुप्ता, रामखिलाड़ी गुप्ता, राकेश गुप्ता, यतेंद्र वार्ष्णेय, प्रवीन गोयल सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें