अलीगंज तहसील में ई-रजिस्ट्री का विरोध करते अधिवक्ता। संवाद
अलीगंज। प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों का आंदोलन शनिवार को 11वें दिन भी जारी रहा। प्रशासन के सकारात्मक रुख न अपनाए जाने से अधिवक्ताओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, ई-रजिस्ट्री का फैसला वापस न लेने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए बार के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य ने कहा ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने से पहले सरकार को अधिवक्ताओं से संवाद करना चाहिए था। उन्होंने कहा इस नई व्यवस्था से अधिवक्ता और बैनामा लेखक एवं स्टांप विक्रेता प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा अधिवक्ताओं की मांग पूरी तरह न्यायोचित हैं और उनका उद्देश्य केवल अपने अधिकारों एवं आमजन के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। शासन-प्रशासन के अनदेखी किए जाने पर जिले स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। धरने में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
ई-पंजीकरण के विरोध में 13वें दिन भी ठप रहा कामकाज
जलेसर। तहसील स्तर से बैनामा और जमीनों के रजिस्ट्रेशन का कार्य समाप्त कर ग्राम पंचायत स्तर पर निबंधन मित्र नियुक्त किए जाने के सरकार के फैसले से अधिवक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं के 13वें दिन भी हड़ताल पर रहने से तहसील का काम काज पूरी तरह ठप रहा।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने शनिवार को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम पीयुष रावत को सौंपा। अधिवक्ताओं ने जिला स्तर से सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय से जारी सूचना में सरकार की इस नई व्यवस्था को वापस लेने का स्पष्ट जिक्र न होने पर नाराजगी जताई है। अधिवक्ताओं ने कहा उनकी मांग पूरी न होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना में मुन्ने खान, नरेंद्र यादव, ऐदल सिंह बघेल, सुनील दीक्षित, सुबोध जैन, सत्यप्रकाश जाटव, रमेश पाल सिंह, रामनरेश यादव सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
अलीगंज तहसील में ई-रजिस्ट्री का विरोध करते अधिवक्ता। संवाद