एटा। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में ही नहीं, इनके निरीक्षण में भी खेल होते रहते हैं। जैथरा विकासखंड क्षेत्र की 10 ग्राम पंचायतों के निरीक्षण का रोस्टर जारी हुआ, लेकिन निरीक्षण हवा में होता रहा। एक भी ग्राम पंचायत की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंची।
ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों का निरीक्षण अधिकारियों से कराया जाता है। जो कार्यों का सत्यापन करते हैं और गुणवत्ता परखते हैं। जैथरा विकासखंड में तैनात सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) राजीव कुमार ने 6 मार्च को निरीक्षण के लिए रोस्टर जारी किया है। इसके तहत 11 से 28 मार्च तक उन्हें 10 ग्राम पंचायतों में पहुंचकर निरीक्षण करना था। ग्राम प्रधानों ने तैयारी कर ली और इंतजार करते रहे। लेकिन कहीं एडीओ नहीं पहुंचे तो कहीं आधी-अधूरी जानकारी कर लौट गए। जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होने की वजह से यह निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण था। एडीओ ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान, सरकार के आठ साल पूरे होने पर कार्यक्रमों के चलते प्रधान-सचिव व्यस्त थे। चार ग्राम पंचायतों में गए भी। लेकिन पूरा निरीक्षण नहीं हो पाया।
नियमानुसार कर्मचारियों का माहवार कार्यों का लक्ष्य दिया जाता है। उसके अनुरूप कार्य न करने वालों के वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में काम नहीं हुआ, लेकिन रोस्टर के अनुसार काम पूरा दर्शाकर वेतन आहरण की मंजूरी दे दी गई है।