नौगवा में 12 दिन पूर्व हुआ दोहरा हत्याकांड अब तिहरे हत्याकांड में परिवर्तित हो चुका है। बदमाशों के प्रहार से गंभीर घायल हुए ग्रामीण ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। तीसरे ग्रामीण की मौत के बाद आज ग्रामीणों में फिर से आक्रोश की स्थिति देखी गई। ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा किए गए खुलासे पर सवालिया निशान लगाए। ग्रामीणों का शक एक साधु पर और था। पुलिस ने शक के आधार पर साधु को हिरासत में ले लिया है।
विदित हो कि 12 दिन पूर्व नौगवां में साधु बालकदास एवं रामनिवास की हत्या कर दी थी। बदमाशों ने तीसरे ग्रामीण शिव कुमार को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसे अलीगढ़ रेफर किया गया। जहां उसकी हालत और बिगड़ती चली गई। रविवार की रात्रि को शिवकुमार को अलीगढ़ से दिल्ली ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। परिवारीजन शिवकुमार का शव लेकर गांव में पहुंचे तो लोगों को जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर आ गए। घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्र ोश था।
सूचना पर एएसपी राधेमोहन भारद्वाज, सीओ एके सिंह ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आक्रोश जताते हुए सही खुलासे की मांग की। शिवकुमार के परिवारीजनों एवं ग्रामीणंों ने एक अन्य साधु रतनमुनि पर शक जाहिर किया। पुलिस ने शव के आधार पर बाबा को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के प्रभावी कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने पुलिस क ो शव कब्जे में लेेने दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
पोस्टमार्टम के बाद शिवकुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह ने बताया कि मामले की पूरी जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में बाबा रतनमुनी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
एसओ की कार्यप्रणाली पर मंत्री फिर से हुए नाराज
ढोलना थाना प्रभारी क ी कार्यप्रणाली को लेकर प्रदेश सरकार के परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह ने फिर से अपनी नाराजगी जाहिर की। वे शिवकुमार की मौत की सूचना पर नौगवां पहुंचे। उन्होंने एसपी एवं सीओ से कहा कि ढोलना के थाना प्रभारी ने इस तिहरे हत्याकांड में सही ढंग से जांच नहीं की। खुलासा संदिग्ध है। उन्होंने थाना प्रभारी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। एएसपी ने राज्यमंत्री को थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की जांच का भरोसा दिया।