एटा। बसों का किराया महंगा होने की वजह से लोग इनमें यात्रा करने से बच रहे हैं। विकल्प के तौर पर जिले से एकमात्र चलने वाली यात्री गाड़ी का सहारा ले रहे हैं। तो तमाम लोग कासगंज पहुंचकर ट्रेन का सफर पसंद कर रहे हैं। स्थिति यह है कि होली के बाद अब बसें भर नहीं पा रही हैं।
जिला मुख्यालय पर स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर इन दिनों यात्रियों की संख्या में काफी कमी आई है। जिसके कारण बसें कम यात्रियों के साथ ही दौड़ लगा रही हैं। जिसका प्रमुख कारण किराए में वृद्धि के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में फसलों की कटाई प्रारंभ होना भी माना जा रहा है।
एक बस के परिचालक ने बताया कि रोडवेज के औसत की बात करें तो एक लीटर डीजल में बस 5 किलोमीटर चलती है। जिसके हिसाब से आगरा की एक तरफ की यात्रा में लगभग 1350 रुपये का डीजल खर्च हो जाता है। जबकि हर चक्कर पर मात्र 25 से 30 सवारियां ही मिल पा रही हैं।
उसके लिए भी बस स्टैंड पर तेज धूप में 30 से 4 मिनट तक खड़ा होना पड़ता है। एआरएम राजेश यादव ने बताया कि रमजान का महीना चल रहा है। खेतों में किसान गेंहू की कटाई कर रहा है। जिसके कारण इन दिनों लोग कम यात्रा कर रहे हैं।