रोडवेज और निजी बस चालक-परिचालकों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिन पहले हुआ विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ था। वे रविवार को फिर आमने सामने आ गए। रोडवेज बस स्टैंड से सवारियां भरने को लेकर दोनों पक्षों में जमकर झड़प हुई। हालांकि कुछ देर बाद मामला रफा-दफा हो गया, लेकिन प्रशासन की ओर से समस्या का कोई निदान नहीं निकाला गया है।
पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत कहें या निजी डग्गामार बस संचालकों की मनमानी। रोडवेज बस स्टैंड से निजी बस चालक सवारियां भर कर ले जाते हैं। इनमें कुछ निजी बसों पर रोडवेज के रंग की है। ऐसे में गुमराह यात्री रोडवेज समझकर इनमें चढ़ जाते हैं। रविवार को भी सवारियों को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। जमकर नोकझोंक हुई। रोडवेज अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
शिकायत मिलने पर एआरटीओ समेत प्रशासनिक अधिकारियों को लिखा गया है। रोडवेज कलर वाली प्राइवेट बसों को जल्द ही प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। -- संजीव यादव, एआरएम, एटा।