एटा। जलेसर-आगरा-एटा मार्ग चौड़ीकरण में बाधा उत्पन्न हो गई है। नूहखास से आगरा तक निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। दरअसल एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने सड़क चौड़ीकरण के लिए अनुमति देने से मना कर दिया है। इसकी वजह से जलेसर के लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है।
आगरा के टेढ़ी बगिया से जलेसर के नूहखास तक 51 किलोमीटर लंबी सड़क को 10 मीटर चौड़ा बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब 387 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से प्रस्ताव पास भी हो गया। उसी दौरान एनजीटी ने पेड़-पौधे लगाने के लिए जगह मांगी लेकिन एनएचएआई दस गुना पौधे लगाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं करा सका।
इसकी वजह से टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 5.5 से 7 मीटर तक है। इसकी वजह से चार पहिया वाहनों को निकलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
सड़क सकरी होने की वजह से कई बार सड़क हादसे भी हो चुके हैं। इस मार्ग के चौड़ीकरण की लोगों को उम्मीद भी थी। अगर निर्माण कार्य होता तो इस सड़क की चौड़ाई 10 मीटर हो जाती और इस हाइवे को टू-लेन बनाया जाता। इसके साथ ही सड़क के बीचों बीच डिवाइडर का भी निर्माण किया जाता। गौरतलब है कि आगरा को बरेली से जोड़ने वाला यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण है।
एनएचएआई आगरा के अधिशासी अभियंता रविंद्र जायसवाल ने बताया कि एनजीटी की अनुमति नहीं मिलने की वजह से आगरा से नूहखास मार्ग के टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।