मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर पर पर्चे बनवाते मरीज व तीमारदार। संवाद
एटा। उमस भरी गर्मी का असर अब लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में इन दिनों हाइपरटेंशन, लगातार सिरदर्द, बेचैनी और तनाव से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि उमस के साथ बढ़ता मानसिक तनाव और मोबाइल स्क्रीन का अधिक उपयोग इस समस्या की बड़ी वजह बन रहा है।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वसुंधरा ने बताया कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीज सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, घबराहट और रक्तचाप की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। लगातार मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन के सामने लंबे समय तक रहने से मानसिक थकान बढ़ रही है, जिसका असर रक्तचाप और सिरदर्द के रूप में सामने आ रहा है। उमस भरी गर्मी में पर्याप्त नींद नहीं मिलना और शरीर में पानी की कमी भी स्थिति को गंभीर बना रही है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में मानसिक मरीजों की काउंसलिंग भी की जा रही है। मरीजों को स्क्रीन टाइम सीमित करने, पर्याप्त पानी पीने, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जा रही है। शनिवार को मनोरोग विभाग की ओपीडी में 60 मरीजों ने उपचार लिया। उन्होंने बताया कि यदि लगातार सिरदर्द, चक्कर, बेचैनी, अनिद्रा या रक्तचाप बढ़ने जैसी शिकायत हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करें।