मेडिकल कॉलेज की मेस से खाद्य सामग्री के नमूने लेती खाद्य विभाग की टीम। स्रोत स्वयं
एटा। मौसम में बदलाव के साथ मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सूखी खांसी और सिरदर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसके साथ ही सर्वाइकल और माइग्रेन के दर्द से परेशान लोग भी उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में करीब ढाई हजार मरीजों के पर्चे बनाए गए। इनमें सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रही। जहां करीब 800 मरीजों ने चिकित्सकों से परामर्श लेकर उपचार कराया।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी। पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सकों को दिखाने तक मरीजों को कतार में लगना पड़ा। मेडिसिन ओपीडी में सूखी खांसी, सिरदर्द और वायरल जैसे लक्षणों वाले मरीज अधिक पहुंचे। वहीं, लंबे समय से गर्दन और कंधे के दर्द से परेशान मरीजों ने सर्वाइकल की शिकायत बताई। माइग्रेन के कारण सिर में तेज दर्द की समस्या लेकर भी काफी लोग चिकित्सकों के पास पहुंचे। दवाई लेने के लिए लोगों को करीब आधा घंटे तक लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण, एलर्जी और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। धूल, धुआं और बदलते मौसम में ठंडी-गर्म चीजों के सेवन से भी सूखी खांसी और गले में खराश की शिकायत हो सकती है। अनियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद न लेना, तनाव और लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल करने से सिरदर्द, माइग्रेन और सर्वाइकल की समस्या बढ़ सकती है।