एटा। वर्तमान में आलू के भाव सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। कोल्ड स्टोरों में भंडारित आलू को किसान अपनी सहूलियत और मर्जी से निकाल सकते हैं। कोल्ड स्टोर संचालित अथवा प्रशासनिक अधिकारी निकालने के लिए दबाव नहीं डाल सकते हैं। इसको लेकर दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। एक माह में महज 3 फीसदी ही आलू की निकासी हो सकी है।
जिला में 23 कोल्ड स्टोरों का संचालन किया जा रहा है। इनमें किसानों ने 1.28 लाख मेट्रिक टन आलू का भंडारण किया। किसान भाव अच्छा होने के चलते निकासी नहीं कर रहे हैं, इसके चलते वर्तमान में फुटकर भाव 40 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में सब्जियों का राजा आलू की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है। मार्च से लेकर जून तक 26 फीसदी आलू की निकासी की गई थी, लेकिन अगर जुलाई की बात की जाए तो आलू की निकासी महज 3 फीसदी ही कोल्ड स्टोरों से सकी है और वर्तमान में 29 फीसदी आलू निकला है।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान आलू निकालने में रूचि नहीं ले रहे हैं और अधिक मंहगा होने की आस लगाए बैठे हैं। इसको लेकर कोल्ड में ही भंडारण किए हुए हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। उद्यान निरीक्षक एवं कोल्ड प्रभारी रवींद्र कुमार मिश्र ने बताया कि किसानों पर आलू निकालने के लिए दबाव नहीं डाल सकते, ऐसे निर्देश मिले हैं। किसान स्वतंत्र हैं, वह अपनी मर्जी से ही कोल्ड से आलू निकालेंगे, क्यों वह पूरे साल का भाड़ा भी देते हैं। आलू निकासी कम होने के पीछे और मंहगा होने की संभावनाएं किसान लगाए बैठे हैं, लेकिन नुकसान भी उठा सकते हैं। वर्तमान में उच्च स्तर पर भाव पहुंच गया है, इसका लाभ किसानों को उठा लेना चाहिए।