एटा। जलेसर तहसील में तैनात रहे नायब नाजिर के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 30 अगस्त 2022 से 27 जून 2024 के बीच खतौनी उद्धरण का 15.38 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें से तत्कालीन नायब नाजिर ने 4.33 लाख रुपये का गबन कर लिया।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले तहसील के बाबू राकेश कुमार ने बताया कि सफातउल्लाह खान वर्तमान में तहसील में ही कार्यरत हैं। यह जलेसर तहसील में 30 अगस्त 2022 से 27 जून 2024 तक नायब नाजिर के पद पर रहे। इस अवधि के दौरान खतौनी उद्धरण से 1548011 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसको कस्बा जलेसर में संचालित सुरभि योजना के तहत स्टेट बेंक के खाते में जमा किया जाता है। 30 अगस्त 2022 से 27 जून 2024 की अवधि का जब स्टेटमेंट प्राप्त किया गया, तो उसमें 1104632 रुपये जमा मिले।
इस प्रकार नायब नाजिर ने 433379 जमा न कर गबन किया है। जमा न करने का कारण और अन्य साक्ष्य मांगने पर सफातउल्लाह खान देने में असमर्थ रहे। जिलाधिकारी कार्यालय से अनुमति प्राप्त कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीओ जलेसर कृष्ण मुरारी दोहरे ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता के साथ जांच-पड़ताल की जा रही है।