एटा। वर्ष 2020 विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझता रहा। इसके चलते जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाई। वहीं मेडिकल कॉलेज के निर्माण के चलते जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। इस दौरान इलाज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बाहरी जिलों में रेफर कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है। जिला अस्पताल में त्वचा, चेस्ट, फिजीशियन सहित अन्य चिकित्सक नहीं हैं। इससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को हायर सेंटर पर रेफर कर दिया जाता है। वहीं जिले में हो रहे मेडिकल कॉलेज के निर्माण के कारण भी अव्यवस्था स्वास्थ्य विभाग पर हावी है।
आईटीआई पहुंचा क्षय रोग अस्पताल
सीएमओ कार्यालय के प्रांगण में बने क्षय रोग अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के निर्माण के चलते ढहा दिया गया। वहीं अस्पताल अब आईटीआई संस्थान में बने केंद्रीय विद्यालय की बिल्डिंग में पहुंच गया है। इसके चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सीएमओ कार्यालय के प्रांगण में ही बनी कोल्ड चेन को भगीपुर पहुंचाया गया। जबकि जिला अस्पताल के प्रांगण में संचालित होम्योपैथिक अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के निर्माण के चलते लालगढ़ी पीएचसी पर पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों में रही रार
वर्ष 2020 में जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों में रार मची रही। जहां नेत्र परीक्षण अधिकारी को सीएमएस द्वारा रिलीव किया गया। वहीं नेत्र कक्ष में ताला डाल दिया गया। इस दौरान नेत्र विभाग को प्रथम तल पर संचालित किया गया। ये मामला कोर्ट में पहुंच गया है। वहीं अस्पताल में संविदा पर कार्यरत दंत चिकित्सक को रिलीव किया गया। जबकि दूसरे दंत चिकित्सक का स्थानांतरण हो गया। इन दिनों अस्पताल में कोई दंत चिकित्सक नहीं है।
मैटरनिटी विंग का कार्य नहीं हो पाया पूरा
महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलवाला है। महिला अस्पताल में ऑपरेशन करने के लिए ओटी तक नहीं है। चिकित्सकों द्वारा पुरुष अस्पताल की ओटी का प्रयोग किया जाता है। वहीं अस्पताल के प्रांगण में वर्ष 2016 से मैटरनिटी विंग का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अभी तक बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
जिले में चिकित्सकों की स्थित
अस्पताल स्वीकृत पद तैनाती
जिला अस्पताल 27 14
सीएमओ के अधीन 126 62
महिला अस्पताल 12 02
जिले में चिकित्सकों का अभाव है। इसके लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है। इसके चलते अव्यवस्थाएं हावी रही हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज के निर्माण के चलते कुछ अस्पतालों को स्थानांतरित किया गया है।
डॉ. अरविंद गर्ग, सीएमओ