निधौली कलां/एटा। गांव नगला गोदी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति अपने भतीजे की पत्नी को लेकर फरार हो गया। पीड़ित पति की शिकायत पर पुलिस ने दो माह बाद चचिया ससुर और बहू को बरामद कर लिया लेकिन मामला सुलझने के बजाय और उलझ गया है। महिला अपने पति के साथ जाने को तैयार नहीं है। शनिवार को दिन भर थाने में चली पंचायत के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला।
पीड़ित ने कोतवाली में दर्ज कराई प्राथमिकी में लिखा है कि उसका खानदानी चाचा पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। चाचा रेवाड़ी में नौकरी करता है। आरोप है कि उसने अपने पैसों से ससुराल पक्ष को करीब छह लाख रुपये का ट्रैक्टर दिलवाया और पत्नी के नाम तीन लाख रुपये की एफडी भी कराई। इसके बावजूद पत्नी बच्चों और पति को छोड़कर चचिया ससुर के साथ चली गई।
शनिवार को कस्बा इंचार्ज सोनपाल ने पुलिस टीम की मदद से दोनों को बरामद कर लिया। कोतवाली में घंटों चली काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने पति और बच्चों के साथ रहने से साफ इन्कार कर दिया। उसने या तो मायके में या फिर चचिया ससुर के साथ ही रहने की जिद पकड़ ली। पति का आरोप है कि ससुराल पक्ष रुपये लौटाने से बचने के लिए उसकी बात सुनने को तैयार नहीं है और पत्नी का ही साथ दे रहा है। ट्रैक्टर के छह लाख रुपये और ही पत्नी के नाम जमा तीन लाख रुपये लौटाने पर कोई सहमति नहीं बन सकी। सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप ने बताया कि कोई सहमति ने बनने पर महिला को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।
मां की झलक पाने को इंतजार करते रहे बच्चे
पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब थाने के बाहर बच्चे अपनी मां की झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। इसके बाद भी मां ने बच्चों से मिलने से इन्कार कर दिया।