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UP Board Result: दीये की रोशनी में पढ़ी, सिलाई में मां का हाथ बंटाया, बेटी ने प्रदेश में हासिल की नौवीं रैंक

Tue, 25 Apr 2023 09:04 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

UP Board Result: एटा की बेटी ने घर में बिजली न होने पर दीये की रोशनी में पढ़ाई की। घर खर्च के लिए सिलाई में मां का हाथ बंटाया। कड़ी मेहनत से प्रदेश में नौवीं रैंक हासिल की। 


 
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एटा की बेटी रेखा ने प्रदेश में नौवीं रैंक हासिल की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गरीबी होनहारों के हौंसले नहीं डिगा सकती। यह बात उत्तर प्रदेश के एटा जिले की होनहार बेटी रेखा पर चरितार्थ होती है। बिजली के अभाव में दीपक की रोशनी पर पढ़ाई की। चंद पैसों की खातिर सिलाई में मां का हाथ बंटाया। इन सब विषम हालातों के बावजूद रेखा ने हार नहीं मानी। उसने इंटर में प्रदेश में नौंवीं व जिले में तीसरी रैंक हासिल की है। बेटी की इस कामयाबी पर कस्बे के साथ ही उसके गांव के लोग भी खुश हैं।

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मारहरा कस्बा के मोहल्ला कायस्थान निवासी जयवीर सिंह कस्बा में किराए के मकान में रह रहे हैं। वह दूसरों के खेत पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी मजदूरी से परिवार की जरूरतें पूरी न होने पर पत्नी ने सिलाई का कार्य शुरू कर दिया। जयवीर के पास खुद का मकान नहीं है। लेकिन इन लोगों का भी हौसला था कि इस गरीबी के बावजूद बेटी रेखा की पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उस कस्बे के एमजीएच इंटर कॉलेज में पढ़ती है।

कई दिक्कतों का करना पड़ा सामना

रेखा ने बताया घर की आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण अच्छी नौकरी का सपना देखा था। इससे ही गरीबी दूर हो सकती है। इसके लिए अच्छे नंबरों से पास होना जरूरी था। उसी को अपना लक्ष्य बनाया था। कहा कि उसे पढ़ाई करने के दौरान कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उसने बताया कोचिंग की उसे सुविधा नहीं मिली। बिजली कटौती हो जाती थी तो दीपक जलाकर पढ़ाई करती थी।

स्कूल के बाद काम में मां का हाथ बंटाती है

एक कमरा था जहां मम्मी सिलाई का काम करती थीं। स्कूल से आने के बाद मम्मी का हाथ बंटाती है। जब उसे किसी विषय में दिक्कत हुई तो स्कूल के शिक्षकों ने उसकी मदद की। बताया, मंगलवार को जानकरी मिली कि प्रदेश में 9वीं रैंक आई है। ऐसे में अब मन में डॉक्टर बनने का सपना आया है। डॉक्टर बनकर एक सफल इंसान बनना चाहती है। तंगी का जो दौर माता-पिता ने देखा है, उसे पूरी तरह खत्म करना लक्ष्य है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने सभी गुरुजनों को देती है।

प्रोफेसर बन नई दिशा देने का करेंगे कार्य

मारहरा के गांव हजरत नगर निवासी शालवी सिंह ने प्रदेश में इंटर मीडिएट में 5वीं व जिले में पहली रैंक हासिल की है। वह आरएबी इंटर कॉलेज मारहरा की छात्रा हैं। बताया कि पिता सुखपाल सिंह और मां मीरा कुमारी शिक्षक हैं। उन्हीं को वह अपनी प्रेरणा का स्रोत मानती है। उसने बताया कि वह प्रोफेसर बन अपने सपने को पूरा करना चाहती है। प्रोफेसर बनकर वह बच्चों को एक नई दिशा दे सकेगी। इसलिए प्रोफेसर बनने की तमन्ना है।
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आईएएस बनने का सपना

इंटरमीडिएट में प्रदेश में 8वीं और जिले में दूसरी रैंक हासिल करने वाले शैलेंद्र शाक्य के पिता शिवदयाल साधारण किसान हैं। वह जैथरा कस्बे के मोहल्ला पालीवाल में रहते हैं। उन्होंने बताया उनका लक्ष्य आईएएस अधिकारी बन देश सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह मोबाइल पर इंटरव्यू आदि को देखते हैं। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। कहा कि परीक्षा से सात माह पहले कोचिंग शुरू की थी।

देश सेवा करने का संकल्प

प्रदेश में 9वीं व जिले में तीसरी रैंक पाने वाली नीति गुप्ता शहर के रामबाल भारती स्कूल की छात्रा है। पिता डॉ. यतेंद्र कुमार शिक्षक हैं। बहन नीट की तैयारी कर रही है। नीति ने बताया उन्होंने सोचा नहीं था कि प्रदेश के टॉपर में उसका नाम आएगा। पिता ने बताया तो चौंक गई और खुशी से झूम उठी। कहा कि वह एनडीए की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती है। गूगल से उन्हें एनडीए के बारे में जानकारी मिली।

पिता के नक्शे कदम पर चलना लक्ष्य

प्रदेश में 10वीं और जिले में चौथी रैंक पाने वाली सुचि ने बताया उनके पिता हरवीर चिकित्सक हैं। मथुरा में जय गुरुदेव के आश्रम में रहते हैं। वहां चिकित्सा कार्य करते हैं। पिता को देखकर ही वह डॉक्टर बनना चाहती हैं और लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया है। कहा कि इंटरनेट के माध्यम से ही वह पढ़ाई कर रहीं है।
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