स्कूल के बाद काम में मां का हाथ बंटाती है
एक कमरा था जहां मम्मी सिलाई का काम करती थीं। स्कूल से आने के बाद मम्मी का हाथ बंटाती है। जब उसे किसी विषय में दिक्कत हुई तो स्कूल के शिक्षकों ने उसकी मदद की। बताया, मंगलवार को जानकरी मिली कि प्रदेश में 9वीं रैंक आई है। ऐसे में अब मन में डॉक्टर बनने का सपना आया है। डॉक्टर बनकर एक सफल इंसान बनना चाहती है। तंगी का जो दौर माता-पिता ने देखा है, उसे पूरी तरह खत्म करना लक्ष्य है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने सभी गुरुजनों को देती है।
प्रोफेसर बन नई दिशा देने का करेंगे कार्य
मारहरा के गांव हजरत नगर निवासी शालवी सिंह ने प्रदेश में इंटर मीडिएट में 5वीं व जिले में पहली रैंक हासिल की है। वह आरएबी इंटर कॉलेज मारहरा की छात्रा हैं। बताया कि पिता सुखपाल सिंह और मां मीरा कुमारी शिक्षक हैं। उन्हीं को वह अपनी प्रेरणा का स्रोत मानती है। उसने बताया कि वह प्रोफेसर बन अपने सपने को पूरा करना चाहती है। प्रोफेसर बनकर वह बच्चों को एक नई दिशा दे सकेगी। इसलिए प्रोफेसर बनने की तमन्ना है।
आईएएस बनने का सपना
इंटरमीडिएट में प्रदेश में 8वीं और जिले में दूसरी रैंक हासिल करने वाले शैलेंद्र शाक्य के पिता शिवदयाल साधारण किसान हैं। वह जैथरा कस्बे के मोहल्ला पालीवाल में रहते हैं। उन्होंने बताया उनका लक्ष्य आईएएस अधिकारी बन देश सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह मोबाइल पर इंटरव्यू आदि को देखते हैं। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। कहा कि परीक्षा से सात माह पहले कोचिंग शुरू की थी।
देश सेवा करने का संकल्प
प्रदेश में 9वीं व जिले में तीसरी रैंक पाने वाली नीति गुप्ता शहर के रामबाल भारती स्कूल की छात्रा है। पिता डॉ. यतेंद्र कुमार शिक्षक हैं। बहन नीट की तैयारी कर रही है। नीति ने बताया उन्होंने सोचा नहीं था कि प्रदेश के टॉपर में उसका नाम आएगा। पिता ने बताया तो चौंक गई और खुशी से झूम उठी। कहा कि वह एनडीए की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती है। गूगल से उन्हें एनडीए के बारे में जानकारी मिली।
पिता के नक्शे कदम पर चलना लक्ष्य
प्रदेश में 10वीं और जिले में चौथी रैंक पाने वाली सुचि ने बताया उनके पिता हरवीर चिकित्सक हैं। मथुरा में जय गुरुदेव के आश्रम में रहते हैं। वहां चिकित्सा कार्य करते हैं। पिता को देखकर ही वह डॉक्टर बनना चाहती हैं और लोगों की सेवा करने का संकल्प लिया है। कहा कि इंटरनेट के माध्यम से ही वह पढ़ाई कर रहीं है।