एटा। कोतवाली सदर क्षेत्र के गांव नगला प्रेमी में 19 जनवरी को माता-पिता, पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का मंगलवार को दृश्य दोहराया (सीन रीक्रिएट) गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) अलीगढ़ की तीन सदस्यीय टीम ने गांव में छानबीन कर साक्ष्य संकलित किए। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे हत्यारोपी के बेटे, परिजन और आस पड़ोस के लोगों के बयान दर्ज किए। चार घंटे जांच के बाद टीम अलीगढ़ लौट गई।
फोरेंसिक टीम सुबह 10 बजे एटा-शिकोहाबाद रोड पर शहर से सटे नगला प्रेमी में कमल सिंह के आप्टिकल स्टोर पर पहुंची। यहां से करीब दो सौ मीटर दूर घर है। टीम ने घर पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। पुलिसकर्मी और गांव के लोगों की मदद से हत्याकांड का दृश्य दोहराया गया। टीम सबसे पहले कमल सिंह के बेटे देवांश को लेकर घर के भीतर पहुंची। क्योंकि घटना के बाद स्कूल से लौटकर वह ही सबसे पहला चश्मदीद था। उससे जाना कि कैसे दादा और दादी के शव वहां पड़े। दो पुलिसकर्मियों को बुजुर्ग पिता गंगा सिंह और मां श्यामा देवी की तरह पलंग पर लिटाकर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की। यहां देवांश ने बताया कि दो बजे जब वह स्कूल से आया तो मकान के दरवाजे खुले थे। अंदर घुसते ही फर्श पर खून ही खून बिखरा था। दादा का शव उनके कमरे में पलंग पर पड़ा था।
इसके बाद टीम ऊपर के कमरे में पहुंची। वहां पलंग पर कमल की पत्नी रत्ना और बेटी ज्योति की हत्या का दृश्य समझने की कोशिश की। वहां दो युवतियों को पत्नी और बेटी की तरह बेड और फर्श पर लिटाया गया। यहां समझा कि ज्योति को गले में दुपट्टे का फंदा कसकर और सिर पर ईंटों के प्रहार से मारा गया, तो उसकी मां का सिर ईंटों के प्रहार से कुचला गया था। फाेरेंसिक टीम को बड़ी बेटी लक्ष्मी ने बताया कि वह घर पर नहीं थी। घटना के समय आप्टिकल स्टोर पर थी।
पड़ोसी महिला समेत अन्य के बयान लिए
छुट्टी के बाद घर पहुंचे देवांश ने दादा-दादी को मृत पड़ा देखा तो चीखते हुए बाहर भागा था। शोर सुनकर सबसे पहले आई पड़ोस की महिला से भी फाेरेंसिक टीम ने बात की। टीम ने गांव के अन्य लोगों से भी पूछताछ कर घटनाक्रम को बारीकी से समझा।
छानबीन के दौरान ग्रामीणों को रखा दूर
इस चर्चित हत्याकांड के लिए जांच टीम के आते ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। ग्रामीणों को घटनास्थल से दूर रखा गया।
नगला प्रेमी में चार लोगों की हत्या के मामले में एफएसएल की टीम आई थी। टीम ने सीन रीक्रिएट कर साक्ष्य संकलित किए। करीब चार घंटे छानबीन की। इसकी जांच रिपोर्ट को विवेचना में सम्मिलित किया जाएगा। - श्वेताभ पांडेय, एएसपी एटा