एटा। महिला उत्पीड़न को कम करने और नारी सम्मान को बरकरार रखने के लिए नवंबर माह से अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन की ओर से ऑपरेशन जागृति चलाया गया। ताकि महिलाओं और बालिकाओं की रक्षा की जा सके। तमाम प्रयास भी जिला भर में पुलिस की ओर से गोष्ठियां आदि कर किए गए। पुलिस का दावा है कि महिला उत्पीड़न में कमी आई है। लेकिन ये दावे हकीकत से अलग हैं। जनवरी में ही 40 मामले महिला उत्पीड़न के दर्ज हो चुके हैं।
जनवरी माह में ही 40 मामले महिलाओं, बालिकाओं और किशोरियों के साथ किए गए अपराधों से जुड़े दर्ज किए गए, जाे पुलिस की ओर से कही जाने वाली बात, कि अपराधों में कमी आई है पर सवाल उठा रहे हैं। अगर जनवरी माह के अपराधों को देखा जाए तो कई बड़े मामले भी महिलाओं से जुड़े रहे हैं। इनमें एक जनवरी को जलेसर में मुकदमा दर्ज कराया, 17 साल की बेटी को गांव का सनी ले गया। कोतवाली नगर के एक मोहल्ला से महिला को राजेश ले गया, कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के पकड़े फाड़कर पीटा गया।
दो जनवरी को पिलुआ में महिला की फंदा लगाकर हत्या कर दी गई। जसरथपुर क्षेत्र के एक गांव से 19 साल की युवती को चंद्रपाल उजारपुर ले गया। अलीगंज क्षेत्र से 14 साकी लड़की से छेडछाड़, विरोध पर परिजन को मोहित ने पीटा था। वहीं कोतवाली नगर क्षेत्र से 28 दिसंबर 2023 को लापता युवती की रिपोर्ट 3 जनवरी को दर्ज की गई थी। जैथरा क्षेत्र में बेटी के साथ छेडछाड़ कर विरोध करने पर परिजन को पीटा गया, मां ने रिपोर्ट लिखाई। नजर डाली जाए तो 15 मामले महिलाओं, बालिकाओं और किशोरियों के साथ छोड़छाड़ के दर्ज किए गए। इनसे महिलाएं आहत हुई और वारदातें करने वालों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराए गए।