राशन वितरण की व्यवस्था ध्वस्त, लौटे उपभोक्ता
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जिले में सोमवार को डीएम के निर्देशों की हवा निकलती नजर आई। गरीबों तक अनाज का एक-एक दाना पहुंचाने का दावा पहले दिन ही हवा हो गया। राशन वितरण के लिए तय की गई व्यवस्था पहले दिन ही ध्वस्त होती नजर आई। दुकानें बंद देखकर उपभोक्ता मायूस होकर लौटते नजर आए। इस दौरान कुछ दुकानों पर भीड़ दिखी, मगर यहां राशन वितरण में घटतौली की शिकायतें रहीं। सोमवार को अमर उजाला टीम ने राशन वितरण का हाल जाना, तो हकीकत सामने आई।
शहर के अलीगंज रोड स्थित राशन दुकान सुबह 10 बजे बंद थी। यहां राशन लेने के लिए पहुंच रहे उपभोक्ता दुकान को बंद देखकर मायूस होकर लौटे। लोगों ने डीलर को फोन किया तो पता लगा कि वो कहीं बाहर गया है। कलक्ट्रेट के पास ही स्थित गांधी मार्केट में राशन की दुकान पर 10:45 पर ताला पड़ा रहा। यहां से भी उपभोक्ताओं को लौटना पड़ा। जबकि डीएम ने पिछले दिनों बैठक में सुबह नौ से शाम छह बजे तक दुकान खोलने के निर्देश दिए थे। मेहता पार्क स्थित राशन दुकान की दुकान पर सुबह 11:00 बजे उपभोक्ताओं की भीड़ लगी थी। यहां लोगों ने राशन वितरण में घटतौली की शिकायत की। लोगों ने आरोप लगाया कि डीलर ने अब तक इलेक्ट्रानिक कांटा नहीं लगाया है। जिससे उनको कम राशन मिल रहा है।
नहीं दिखे पर्यवेक्षण अधिकारी
राशन को सही ढंग से वितरण कराने के लिए पूर्ति विभाग ने 10-10 दुकानों पर पर्यवेक्षण अधिकारियों की तैनाती की है, लेकिन सोमवार को किसी भी दुकान पर पर्यवेक्षण अधिकारी मौजूद नजर नहीं आए। ऐसे में डीलरों ने खूब मनमानी की। वहीं जिले में पूर्ति विभाग ने हर दुकान पर बायोमीट्रिक मशीन लगाने का दावा किया है। लेकिन अवागढ़ और सकीट स्थित केंद्रों पर बायोमीट्रिक मशीनें नजर नहीं आई। ऐसे में राशन में गोलमाल होता नजर आया।