कासगंज। अमांपुर क्षेत्र में एक विवाहिता ने दो पुलिस कर्मियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया। महिला का चिकित्सीय परीक्षण कराने के निर्देश दिए, लेकिन महिला ने चिकित्सीय परीक्षण नहीं कराया। पुलिस और न्यायालय के समक्ष भी महिला अपने बयानों में दुष्कर्म की वारदात से मुकर गई।
विदित हो कि अमांपुर क्षेत्र में एक महिला के घर अमांपुर पुलिस के दो सिपाही तीन दिन पूर्व रात्रि में दबिश देने पहुंचे। महिला ने सिपाहियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की और तहरीर भी दी।
पुलिस ने जब मामले की जांच कराई तो मामला गलत पाया गया। मगर महिला की तहरीर के आधार पर अमांपुर पुलिस ने दुष्कर्म का मामला भी पंजीकृत कर लिया। जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो महिला खुद अपने आरोपों से ही मुकर गई। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज किए तो वह पुलिस के समक्ष दुष्कर्म की वारदात से मुकर गई। वहीं न्यायालय में भी महिला के 164 के बयान दर्ज किए गए। यहां भी महिला अपने बयानों से मुकर गई। डीआईजी के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच कर रहे एसपी विनय कुमार यादव ने बताया कि पेशबंदी के चलते दुष्कर्म का आरोप लगाया गया। जब इसकी जांच हुई तो मामला खुल गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस और न्यायालय के समक्ष महिला ने दुष्कर्म के आरोप को नकार दिया है। वहीं चिकित्सीय परीक्षण को जब महिला को भेजा गया तो उसने चिकित्सीय परीक्षण भी नहीं कराया। उन्हाेंने कहा कि मामले की जांच पूरी होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले से ही यह मामला पेशबंदी का प्रतीत हो रहा था।