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थानों की सुरक्षा राम भरोसे

Mon, 27 Jul 2015 10:39 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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पुलिस थानों में संगीन के साथ गेट पर जवान की पहरेदारी होती है। हर रोज रजिस्टर में किसी न किसी जवान की ड्यूटी लगाई जाती है। यह जवान थाना प्रभारी व और मुंशी रूम के इर्द गिर्द घूमता रहता है। थाने में कब कौन आवाजाही कर रहा है, इस पर पहरा जवान की नजर नहीं होती। ऐसे में आतंकी तो दूर सामान्य अपराधी भी किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।
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पंजाब के गुरुदासपुर के दीनानगर थाने में आतंकवादियों ने हमला करके न केवल पुलिस के जवानों की हत्या कर दी, बल्कि उनके परिवारीजनों को भी बंधक बना लिया। पूरे देश में इस घटना को लेकर सनसनी बनी रही। लेकिन दूसरों की सुरक्षा करने वाले पुलिस खुद थानों की सुरक्षा को लेकर सोमवार को भी लापरवाह नजर आई। अमर उजाला ने जिले के कई पुलिस थानों के प्रवेश द्वार पर संगीनधारी जवान के पहरा का जायजा लिया। कहीं भी थानों पर यह जवान नजर नहीं आया। कोई भी थाने में अपनी मर्जी के मुताबिक प्रवेश कर रहा था। पुलिस की यह लापरवाही पुलिस नियमों का सीधा उल्लंघन है।
सोरों कोतवाली में 11:25 पर टीम ने जायजा लिया तो यहां कोई भी द्वार पर पहरा देता नजर नहीं आया। कासगंज कोतवाली में 11:35 बजे टीम ने जायजा लिया। द्वार पर संगीनधारी नदारद था। 11:50 पर महिला थाने में भी यही नजारा नजर आया। पटियाली थाने में द्वार पर कोई पहरा नहीं था। पहरे पर तैनात जवान मुंशी रुम के पास नजर आया। आखिर ऐसी स्थिति में पुलिस के थानों की स्थिति कैसे होगी, कहा नहीं जा सकता।
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