एटा। गलत ग्रेड पे लेने के मामले में फंसे रिटायर्ड जिला मलेरिया अधिकारी यहां करीब 1 वर्ष तैनात रहे थे। ज्वाॅइनिंग लेने के बाद से वह चिकित्सकीय अवकाश पर चल गए थे। सेवानिवृत्त होने से कुछ समय पहले आए थे। अब अधिक ग्रेड पे लगने के बाद इसे विभागीय कमी बताकर चक्कर काट रहे हैं।
राजकुमार सारस्वत जिले में कम समय ही रहे थे। वर्ष 2023 में वह जिला मलेरिया अधिकारी के पद पर आए थे। तैनाती लेने के कुछ समय बाद चिकित्सकीय अवकाश लेकर चले गए। सेवानिवृत्ति के समय वापस आए। इसके बाद अपने पेंशन, जीपीएफ आदि के कागजों को तैयार करने में लग गए। यहा से पेंशन संबंधी कागज भी ऑनलाइन कर दिए।
कुछ दिन पहले उन्होंने जीपीएफ का भुगतान न होने के संबंध में डीएम से शिकायत की थी। कोषागार के कर्मी पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। पत्नी को कैंसर होने और इलाज के लिए रुपयों की जरूरत का हवाला देते हुए जीपीएफ जल्द दिलाने की गुहार लगाई थी। वरिष्ठ कोषाधिकारी सरोज प्रजापति ने बताया कि शिकायत आई थी। 4-5 दिन पहले भुगतान कराया जा चुका है। ग्रेड पे के संबंध में जानकारी नहीं है, यह उनका विभागीय मामला है।
होती रहीं चर्चाएं
रविवार को सीएमओ कार्यालय अवकाश के चलते बंद था, लेकिन कार्यालय के बाबू मामले को लेकर कॉल पर कर्मचारी आपस में चर्चा करते रहे। ग्रेड पे के संबंध में पहले से ऐसी जानकारी न हो पाने पर हैरानी भी जता रहे थे।