एटा। थाना पिलुआ के गांव नगला मोहन में शनिवार देर रात एक मकान में कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। नीचे कमरे में सो रहे पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने मलबे से निकालकर दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां चिकित्सक ने पति को मृत घोषित कर दिया, पत्नी का उपचार चल रहा है।
गांव नगला मोहन निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि हमारा मकान लगभग 8 वर्ष पूर्व बना था। जिसके कुछ कमरे दोबारा बनाए गए हैं। मेरे दादा मोहरपाल (62) और दादी भगवती देवी शनिवार को घर के अंदर पुराने वाले कमरे में सो रहे थे। रात के समय अचानक से कमरे की छत भरभराकर गिर पड़ी। जिसके कारण गहरी नींद में सो रहे दोनों लोग छत के मलबे में दब गए।
छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत करते हुए मलबे को हटाकर दादा-दादी को बाहर निकाला। दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनको लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां चिकित्सक ने दादा को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भगवती देवी का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
कई बार मना किया, मगर नहीं मानी बात
पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य कमरे तो दोबारा बनवा लिए थे, एक कमरा रह गया था जिसकी स्थिति अच्छी नहीं थी। इसमें ही दादा-दादी सोते थे। कई बार उनसे कहा था कि इस कमरे में मत सोया करो लेकिन वह नहीं मानते थे। अगर बात मान लेते तो शायद आज हमारे बीच होते। हादसे से घर में मातम छाया हुआ है। हमने बिना पोस्टमार्टम कराए ही दादा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।