जलेसर। गुजरात की पटाखा फैक्टरी में धमाके के तार जलेसर की शोरा फैक्टरियों से जुड़ चुके हैं। इसके बाद डीएम ने जांच समिति गठित की है। शनिवार को अधिकारियों ने एक शोरा फैक्टरी पर छापा मारा। वहां जब्त तरल और ठोस शोरा सहित 5 कारें जब्त कर लीं। जबकि भट्ठियों को ध्वस्त करा दिया।
1 अप्रैल को गुजरात के बनासकांठा की डीसा स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके से 22 लोगों की जान गई थी। इस फैक्टरी में महीनों से भारी संख्या में विस्फोटक बनाने के लिए जलेसर से सामग्री भेजी जा रही थी। जबकि प्रशासन को भनक तक नहीं थी। गुजरात से आई पुलिस ने यहां पड़ताल की। पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर आदि मिलने पर फैक्टरी संचालकों के बयान दर्ज कर ले गई थी। इसके बाद डीएम प्रेम रंजन सिंह ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की।
शनिवार को एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश और एएसपी राजकुमार सिंह ने अन्य अधिकारियों व पुलिस बल के साथ जाकर हाथरस बस स्टैंड के सामने स्थित राधाकृष्ण फकीरचंद शोरा फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी को महीनों से बंद बताया गया।
लेकिन जब अधिकारी अंदर पहुंचे तो भट्ठियों की गर्मी बता रही थी कि इनका संचालन लगातार किया जा रहा है। इस पर बुलडोजर से भट्ठियों को ध्वस्त करा दिया।
फैक्टरी में तैयार मिले तरल शोरा से भरे 785 ड्रम, ठोस शोरा की 969 बोरी, 50 क्विंटल कंडे, 100 क्विंटल लकड़ी के गट्टे और 5 कारें जब्त कर लीं। टीम में एसडीएम भावना विमल, सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग प्रेमकांत सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।