एटा। इन दिनों पुलिस महकमा विशेष सतर्कता बरतने और सक्रियता बढ़ाने के दावे कर रहा है, लेकिन लगातार हो रहीं आपराधिक वारदातें इस पर सवाल खड़े कर रही हैं। मई के महीने में चोरी और लूट की 42 घटनाएं हुई हैं। अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों द्वारा इन दिनों फोर्स के साथ लगातार गश्त की जा रही है। जिससे शहर के लोग बेखौफ होकर आराम से रहें लेकिन पुलिस की यह कवायद अपराधियों पर बेअसर है। चोर और लुटेरे उसे चुनौती दे रहे हैं। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मई माह में जिले में चोरी व लूट की 42 वारदातें हुईं। इनमें बाइक से लेकर कार और मोबाइल से लेकर जेवरात तक चोरी व लूटे गए हैं। पुलिस इनमें से केवल 10 का ही खुलासा कर सकी है। जबकि 32 मामले अभी तक अनसुलझे बने हुए हैं। जलेसर पुलिस द्वारा छह घटनाओं का खुलासा किया गया है। पिलुआ थाना पुलिस ने दो बड़ी घटनाओं को खुलासा किया।
ये होती हैं घटनाएं
केस 1: 18 मई को नयागांव थाने में फतेहगढ़ निवासी धनपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उनकी मोटर साइकिल पर एक थैला टंगा था। जिसमें 49 हजार रुपये और बैंक की पासबुक रखी थी। किसी ने थैला पार कर दिया। मामले का अब तक खुलासा नहीं हुआ है।
केस 2 : 30 मई को कोतवाली देहात क्षेत्र के अंतर्गत हाईवे पर एक बाइक सवार महिला को दो बाइक सवार युवकों ने गिरा दिया था। महिला की सोने की चेन व कानों के कुंडल लूटकर भाग गए थे। इसमें बाइक से गिरकर महिला बुरी तरह घायल भी हो गई थी। अभी तक लुटेरों का सुराग नहीं है।
केस 3 : 30 मई को ही कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत आगरा रोड पर एक महिला से बाइक सवार बदमाश मंगलसूत्र व गले की चेन तोड़कर भाग गए थे। मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है। महिला के परिजन घटना के खुलासे और सामान वापसी की आस में थाने के चक्कर काट रहे हैं।