एटा। ग्रामीण क्षेत्रों में वाईफाई चौपाल लगाकर इंटरनेट से जोड़ने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को जिले में पलीता लगाया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से वाईफाई कनेक्शन में गड़बड़ी सामने आ रही है। यहां कहीं बैटरी नहीं लगाई गई तो कहीं छतरी और फाइबर केबल तक नहीं डाली गईं। अब कॉमन सर्विस सेंटर संचालक कहते हैं कि स्कूलों से सामान चोरी हो गया है। हालांकि किसी भी सेंटर संचालक द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा रही है।
जिले में 576 ग्राम पंचायतों सहित नगर पंचायत और नगर पालिकाओं में करीब आठ सौ से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वाईफाई चौपाल के लिए बीएसएनएल ने ऑप्टिकल फाइबर डाल दी। इसके बाद कनेक्शन देने का काम वर्ष 2017 में बीएसएनएल से हटाकर कॉमन सर्विस सेंटरों को सौंप दिया गया।
कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों का कहना है कि स्कूलों में लगाए वाईफाई का सामान चोरी हो गया है। हालांकि किसी भी सेंटर संचालक ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। गांव बरौली निवासी गुड्डू, महाराज सिंह और कल्लू आदि ने बताया कि स्कूल से पंखा चोरी हुआ है। वाईफाई का सामान लगाया ही नहीं गया तो चोरी कैसे हो गया?
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इन्हें दिए जाने हैं कनेक्शन
ग्राम पंचायत में वाईफाई चौपाल के माध्यम से प्रधान, सचिव, आंगनबाड़ी, राशन डीलर और स्कूलों को कनेक्शन दिए जाने हैं। स्कूलों में कनेक्शन न होने से ऑनलाइन क्लास प्रभावित हैं।
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स्कूलों में लगा दिए वाईफाई
वाईफाई कनेक्शन कॉमन सर्विस सेंटर अथवा पंचायत कार्यालय पर लगाए जाने थे। हालांकि इन्हें स्कूलों में लगा दिया गया। अब इन्हें स्थानांतरित किया जा रहा है। एक वाईफाई कनेक्शन स्कूल से पंचायत या प्रधान के घर पर स्थानांतरण के 74 सौ रुपये सेंटर को मिलते हैं।
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यहां नहीं लगे कनेक्शन
शीतलपुर के करीब 74 गांव पंचायत सहित अलीगंज और जैंथरा के 84 गांव पंचायतों में अभी तक वाईफाई कनेक्शन नहीं लगे हैं। कसैटी, भागपुर, बरौली, वाजिदपुर अंबारी आदि शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह सुविधा सुचारु नहीं है।
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मिलते हैँ एक कनेक्शन पर 1500 रुपये:-सर्विस सेंटर संचालक को चैंपियन बीएलई कहा जाता है। इन्हें एक कनेक्शन पर 1500 रुपये का भुगतान होता है। यह अपने कनेक्शन पर गांव के एक-दो लोगों के नंबर जोड़कर धनराशि पूरे कनेक्शन की निकाल लेते हैं।
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सामान में बड़ा खेल
वाईफाई चौपाल के लिए बैटरी, सोलर प्लेट, वायर, फाइबर केबल सहित अन्य सामान लगता है। हालांकि बताया जा रहा है कि सेंटर संचालक कहीं बैटरी रख आए हैं तो कहीं सोलर प्लेट। कनेक्शन चालू करने की कहने पर सामान चोरी का बहाना कर बात टाल दी जाती है। कॉमन सर्विस सेंटर बरौली द्वारा स्कूल में लगाए वाईफाई के बैटरी और प्लेट ही चोरी हो गए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय घिलौआ में वाईफाई सेंटर के लिए केवल सोलर प्लेट छत पर लगा दी गईं। बैटरी नहीं लगाई। इसके कारण वाईफाई चालू ही नहीं हो सका है। कॉमन सर्विस सेंटर पर फोन कर पता किया तो वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सुदेश उर्फ सुक्खा प्रधान घिलौआ
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दो साल पहले कॉमन सर्विस सेंटर शुरू हुआ। इसके बाद वाईफाई चौपाल को प्राथमिक स्कूल में लगा दिया गया। इसके बाद उसे उतारकर कर्मचारी ले गएञ इसके बाद से दोबारा वाईफाई चौपाल के लिए इंटरनेट कनेक्शन नहीं दिया गया है।
रविंद्र नाथ प्रताप सिंह, गांव दुहाई
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जिले में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वाईफाई चौपाल लगाकर कनेक्शन दिए जा रहे हैं। कई स्कूलों में सामान चोरी हो गया है। इसकी रिपोर्ट स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को लिखानी होगी। मैं वर्ष 2018 में आया हूं। इससे पहले लगे वाईफाई कनेक्शन के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है।
सुनील सिंह, जिला प्रबंधक, कॉमन सर्विस सेंटर