भारतीय किसान यूनियन ने डीएम को गुरुवार को ज्ञापन सौंप किसानों की समस्याएं बताईं। किसानों ने प्रधानमंत्री से आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष भगवान राघव ने कहा कि किसानों की दशा खराब होती जा रही है। किसान कर्ज में डूबकर आत्महत्या करने को विवश है। फसलों के दाम लागत में 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर तय किए जाएं। धान, गेहूं तीन हजार, गन्ना पांच सौ, आलू 1500 रुपये क्विंटल की कीमत से तय हो। अभी तक गन्ने के दाम तय नहीं किए गए हैं। गन्ने का बकाया सूत सहित देने के न्याय पालिका के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं। किसानों को फसलों का मुआवजा तक नहीं मिला है।
प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार 60 वर्ष पूरे कर चुके किसान मजदूर को पांच हजार रुपये बिना भेदभाव के पेंशन दी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बढ़ाया जाए। कनेक्शन लेने पर जबरन दो किलो वाट के हिसाब से विद्युत मूल्य लिया जा रहा है। किसानों के लिए टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो। ज्ञापन के दौरान अरविंद कुमार पाराशर, सत्यप्रकाश शर्मा, देशराज सिंह, गुलाब सिंह, कुंवरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।