स्टैंड के सामने जीटी रोड पर खड़ी रोडवेज के रंग मिलती जुलती बस। संवाद
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एटा। सख्ती बरते जाने के कुछ दिन बाद फिर निजी बसों ने रोडवेज बस स्टैंड के सामने अपना डेरा जमाना शुरू कर दिया है। रोडवेज बस जैसे रंग का धोखा खाकर यात्री इनमें बैठ जाते हैं और टिकट बनवाने पर रास्ते में जानकारी हो पाती है। सोमवार को भी सुबह से शाम तक बस स्टैंड के सामने निजी बसों की आवाजाही बेखौफ चलती रही।
शहर के रोडवेज स्टैंड के सामने बीच में निजी बसें खड़ी होना बंद हो गई थीं। इसके कारण लोगों को काफी हद तक राहत मिली थी। सोमवार को एक बार फिर से स्टैंड के सामने रोडवेज के साथ मिलकर निजी बस खड़ी हुई थी। बस का रंग रोडवेज से मिलता-जुलता होने के कारण यात्री भ्रमित हो रहे थे। सोमवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार बस के पास से गुजर गए मगर रंग की वजह से वह तक नहीं पहचान पाए।
इतना ही नहीं यातायात प्रभारी की गाड़ी भी दिनभर शहर में इधर से उधर घूमती रहती है, मगर इन बसों पर नजर नहीं पड़ती। इनके रंग के कारण यात्री भी धोखा खा जाते हैं और बस में बैठ जाते हैं। रास्ते में रुपये देने के बाद भी जब टिकट नहीं मिलता तब पता चलता है कि निजी बस में बैठे हुए हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इनके खिलाफ हमारी ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है। एआरटीओ और यातायात पुलिस का सहयोग न मिल पाने पर दिक्कत हो रही है।
दिन भर रहते हैं जाम के हालात
इन बसों के स्टैंड के बाहर सड़क पर खड़ा होने से जाम लग जाता है। सबसे अधिक समस्या सुबह और दोपहर को होती है जब स्कूली बसें या विद्यार्थी गुजरते हैं। उस समय लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है।