मेडिकल काॅलेज में इलाज करते चिकित्सक।
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एटा के मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में शनिवार को एक एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिला पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि किसी झोलाछाप चिकित्सक द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के कारण वह एचआईवी संक्रमित हो गई है। वर्तमान में वह लगभग चार माह की गर्भवती है और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज में उपचार शुरू कर दिया गया है।
मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. प्रशांत गंगवार ने बताया कि महिला ने पूछताछ में बताया कि आगरा में कराए गए टेस्ट में उसे एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भी महिला का दोबारा टेस्ट कराया जाएगा और समय-समय पर अन्य आवश्यक जांचें भी की जाएंगी, ताकि उसके बच्चे को एचआईवी संक्रमण से बचाया जा सके।
उधर, मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में भर्ती उल्टी-दस्त, खांसी और बुखार के मरीजों की नियमित निगरानी की जा रही है। डॉ. श्रद्धा यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने लोगों से गर्मी से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढककर रखने, दोपहर में छाता इस्तेमाल करने और बर्फ युक्त पदार्थों से परहेज करने की अपील की है।