गांव सराय जवाहर सिंह में रविवार शाम से लापता प्रधान प्रत्याशी गजेंद्र सिंह (45) का शव सोमवार को गांव के पास ही एक खेत में पड़ा मिला। परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और चार घंटे तक पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। परिवारीजन आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे।
गजेंद्र सिंह गांव सराय जवाहर सिंह निवासी मलखान सिंह के पुत्र थे और प्रधान पद के लिए नामांकन किया था। रविवार रात गजेंद्र परिवारीजनों से गांव में ही टहल कर आने की बात कहकर निकले थे और उसके बाद घर नहीं लौटे। देर रात परिवारीजनों ने उनकी तलाश भी की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह करीब नौ बजे परिवारीजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। उसके बाद करीब 11 बजे ग्रामीणों ने गजेंद्र का शव खेत में पड़े देखा तो पुलिस और परिवारीजनों को सूचना दी। मौके पहुंचे सीओ अजय कुमार और एसएचओ रिजोर ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
एसएचओ रिजोर ने बताया कि मृतक के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्थिति पूरी तरह से साफ होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव गजेंद्र के चाचा राजेंद्र लड़ रहे हैं, हो सकता है कि ऐहतियातन डमी पर्चा गजेंद्र ने भरा हो। उधर, सकीट ब्लाक के आरओ राजेश कुमार ने गजेंद्र सिंह निवासी गांव सराय जवाहरपुर के नाम प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र जमा होने की पुष्टि की है।