जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना-2011 (बीपीएल सर्वे) के अंतर्गत तैयार की गईं सूचियों के प्रकाशक में बढ़ी लापरवाही सामने आई है। सूचियों के प्रकाशन की अंतिम तिथि गुजरने के बाद भी डीआरडीए विभाग नगर पालिका को सभी वार्डों की सूचियां उपलब्ध नहीं करा सका है। लापरवाही की हद तो यह है कि शासनादेश के अनुसार दावे और आपत्तियां लेने की अंतिम तिथि में भी अब बस नौ दिन शेष हैं। ऐसे में जनगणना सूची का प्रकाशन बस मखौल बनकर रह गया है।
हालांकि डीआरडीए विभाग का कहना है कि ग्राम पंचायत, नगर पंचायत की सभी सूचियां संबंधित तहसील मुख्यालय पर पहुंचा दी गई हैं। संबंधित अधिशासी अधिकारियों को सूची तहसील से उठानी चाहिए थी, लेकिन यदि सूचियां तहसील से प्राप्त नहीं की हैं, तो यह अधिशासी अधिकारियों की लापरवाही है।
बता दें कि एटा नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं, जिसमें से उसे अब तक पांच वार्डों की ही सूचियां प्राप्त हुई हैं। कैंप के माध्यम से जिनका प्रकाशन भी कर दिया गया है, लेकिन सूची को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं दिख रही है। इसलिए दावे आपत्तियां भी नहीं आ रहे हैं। वहीं, डीआरडीए विभाग की मानें तो जिले की सभी ग्राम पंचायत स्तरों पर सूचियों का प्रकाशन करा दिया गया है। वहीं, प्रकाशन के बाद लोगों के बढ़ी तादात में दावे आपत्तियां भी विभाग को प्राप्त हो रहे हैं। इसमें व्यक्ति के नाम सुधार, जाति परिवर्तन, पता आदि तरह की आपत्तियां आ रही हैं।
इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से बात की गई तो पालिका प्रशासन का कहना था कि अब तक सभी वार्डों की सूचियां विभाग को प्राप्त नहीं हुई हैं। बुधवार को तहसील कार्यालय पर सूचियां दिखवाई गई हैं। तहसील से सूचियों के आने के बाद इनका प्रकाशन करा दिया जाएगा।
यह थी प्रकाशन की योजना
शासनादेश के अनुसार सूचियों का प्रकाशन 21 से 30 जनवरी के बीच ग्राम सभा, विकास खंड, नगर पालिका के सभी वार्डों, नगर पंचायत, तहसील व जिला स्तर पर किया जाना था। इसमें सूची में व्याप्त खामियों के लिए व्यक्ति 31 जनवरी से 20 फरवरी तक संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप भरकर अपने दावे और आपत्ति दर्ज कर सकता है। जिनका निपटारा 21 फरवरी से 14 मार्च तक किया जाएगा।
अब तक पालिका को पांच वार्डों की ही सूची प्राप्त हुई हैं। नगर पालिका की ओर से तहसील में अन्य सूचियों को दिखवाया जा रहा है।
-- पवन कुमार, अधिशासी अधिकारी, पालिका परिषद, एटा।