एटा। गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट न करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जसरथपुर थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया। इसके बाद एटा की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं।
जसरथपुर थाने में 10 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने 19 अगस्त को नथुआपुर तिराहे से नदराला निवासी नदीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी की मां सलमा बेगम ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर हिरासत को अवैध बताया था। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय की पीठ ने गिरफ्तारी ज्ञापन में खामियां पाईं।
ज्ञापन के छह बिंदुओं में से पांच पर पुलिस ने गिरफ्तारी के आधार बताने के बजाय केवल ‘सामग्री केस डायरी में संलग्न है’ लिख दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को गिरफ्तारी ज्ञापन और रिमांड आदेश निरस्त कर दिए थे। इसके बाद 12 अक्तूबर को एटा की विशेष पॉक्सो अदालत ने रिहाई की अर्जी पर सुनवाई की। विशेष न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित न हो तो उसे तत्काल रिहा किया जाए।