जलेसर (एटा)। थाना जलेसर क्षेत्र के गांव नूंहखास में मंगलवार की रात एक युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजन बुधवार की सुबह गुपचुप तरीके से अंत्येष्टि करने के लिए शव को शमशान लेकर पहुंचे और चिता जलाने की तैयारी में थे। तभी सूचना पर पुलिस पहुुंच गई। अंत्येष्टि रुकवाकर शव को चिता से बाहर निकवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गाव नूंहखास निवासी सत्येंद्र सिंह (27) ने घर पर ही पत्नी की साड़ी से फंदा लगाकर मंगलवार की रात करीब 11 बजे जान दे दी। परिजन ने फंदे पर लटका देखा तो चीख-पुकार मच गई। परिजन ने बताया कि बेटा शराब पीने का आदी था, इसकी वजह से आए दिन घर में कलह होती थी। पत्नी भी उसके शराब पीने की वजह से काफी परेशान रहती है। मंगलवार की शाम भी वह काफी शराब पीकर घर आया था। इस पर पिता भूरी सिंह व मां ने पीट दिया। इसके बाद सत्येंद्र खाना खाकर सो गया, लेकिन रात में 11 बजे फंदे पर लटका देखा गया। पिता का कहना है कि करीब 10 वर्ष पहले सत्येंद्र की शादी हुई थी, एक बेटी है। आए दिन घर में आकर कलह किया करता था। समझाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन कोई असर नहीं पड़ा और अब जान दे दी है।
साले ने लगाया हत्या का आरोप
थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सत्येंद्र शराब पीने का आदी था। डांटने पर फंदा लगाकर जान दी थी, लेकिन साला श्रीनिवास निवासी मतवारी थाना विजयगढ़ जिला अलीगढ़ ने फोन करके पिता पर ही हत्या करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने शमशान पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बताया कि साला चाहता था कि अंतिम संस्कार से पहले भांजी के नाम जमीन की जाए। इसके कारण दोनों पक्षों में हल्की नोकझोंक हुई है।