गांव नगला इमलिया में मंगलवार रात एक घर में घुसकर पुलिस और अन्य लोगों ने तोड़फोड़ की। महिलाओं से अभद्रता करते हुए घर में रखी नकदी, जेवर छीन ले गए। बाद में दो लोगों को हिरासत में लेते हुए जातिसूचक गालियां दी। पीड़ित पक्ष ने एसएसपी से शिकायत की।
गांव नगला इमलिया निवासी हरीसिंह ने बताया कि गांव के ही रामपाल मानसिक रूप से कमजोर है। जिनकी जमीन का बैनामा करके गांव के ही वेदराम ,सत्यपाल, सोमेंद्र ने जालसाजी करके भरत निवासी चौंचा वनगांव को बेच दी थी। जिसका पीड़ित विरोध करता था और मामले की शिकायत डीएम कार्यालय में की थी। इसे लेकर वेदराम उनके परिवार से रंजिश मानने लगे थे। आरोप है कि मंगलवार रात करीब साढ़े बारह बजे वेदराम अन्य लोगों ने झगड़े की झूठी सूचना देकर थानाध्यक्ष को बुला लिया। पुलिस के साथ मिलकर घर के दरवाजे तोड़ दिए। घर में रखा सारा सामान तोड़ दिया। बाद 25 हजार की नकदी, जेवर निकाल ले गए। बाद में पुलिस ने झूठाफंसाने की धमकी देते हुए चले गए। पुलिस का कहना है कि सत्यपाल, हरीसिंह के बच्चों में झगड़ा हुआ था। हरी सिंह के दो लड़कों को हिरासत में लिया था। कुछ लोगों ने पुलिस के साथ अभद्रता करते हुए गाड़ी खेत में धकेल दी।